shabnam case: आजादी के बाद पहली बार किसी महिला को होने जा रही है फांसी, जानिए कौन है

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shabnam case: देश को आजादी (Independent India) मिले 73 साल पूरे हो चुके हैं, आजादी के बाद आज तक किसी महिला अपराधी को फांसी नहीं दी गई थी, लेकिन अब इतिहास बदलने जा रहा है। भारत में आजादी के बाद पहली बार किसी महिला (shabnam case) को फांसी होने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित एकमात्र महिला फांसीघर में अमरोहा की शबनम को फांसी होने वाली है। अभी तक फांसी की तारीख तय नहीं है लेकिन सूत्रों की माने तो मेरठ के जल्लाद पवन शबाना को फांसी के फंदे पर लटकाएंगे। शबनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने परिवार के सात लोगों को कुल्हाड़ी (Crime News)से काटकर मार डा़ला था।

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आजादी के बाद पहली बार किसी महिला (shabnam case)को होगी फांसी

 

फांसी के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी  शबन की सजा बरकरार रखी थी। शबनम (shabnam case) की दया याचिका राष्ट्रपति को भी भेजी गई, राष्ट्रपति (President of India) ने  भी उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। लिहाजा आजादी के बाद शबनम पहली महिला  होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा। शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने माता-पिता और 10 माह के मासूम भतीजे सहित परिवार के सात लोगों का कुल्हाड़ी से गला काट कर मौत के घाट उतार दिया था।

शबाना ने अपने परिवार के 7 लोगो(shabnam case) कुल्हाड़ी से हत्या कर दी

 

अमरोहा की शबनम के परिवार में पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम और दस महीने का भतीजा अर्श थे. शबनम का उसके गांव के ही सलीम नाम के आदमी के साथ प्रेम संबंध था शबनम के पिता को ये पसंद नहीं था। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन शबनम और सलीम अलग बिरादरी के थे। एक तो कम पढ़ा लिखा युवक और फिर दूसरी बिरादरी से होने के चलते शबनम के परिवार ने शादी से साफ़ इनकार कर दिया था।

10 साल के मासूम की भी  कुल्हाड़ी से काट कर हत्या करदी 

सलीम से मिलने के लिए शबनम पूरे परिवार को नींद की गोलियां खिलाने लगी थी। जब शबन का परिवार गहरी नींद में सो जाता तो सलीम घर की छत के रास्ते से रोज शबनम से  मिलने आता था। इन दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे में शबन के पिता को पता चला तो उन्होंने शबनम को  बहुत समझा लेकिन वो नहीं मानी, जिसके बाद दोंनों ने फिर एक ऐसा फैसला लिया जो दिल दहलाने वाला था। 14 अप्रैल, 2008 की रात को शबनम ने परिवार को नींद की गोलियां खिलाकर सुला दिया और फिर अपने प्रेमी सलीम को घर बुलाया और  रात में शबनम और  सलीम ने मिलकर नशे की हालत में सो रहे पिता शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम, फुफेरी बहन राबिया और दस माह के भतीजे अर्श का गला काट कर मौत की नींद सुला दिया।

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