प्रतापगढ़: डीएम ने कोविड-19 के बचाव को लेकर अधिकारियों संग की बैठक

संक्रमित मरीजों की हालत और जिले में हो रहे टेस्ट को लेकर जारी किए निर्देश।

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प्रतापगढ़: प्रदेश सरकार कोविड-19 के रोकथाम को लेकर सक्रियता से काम कर रही है तो वहीं जिला प्रशासन की एक्टिव नजर आ रहा है। शनिवार को डीएम डा0 रूपेश कुमार ने कोविड-19 के बचाव को लेकर अधिकारियों संग बैठक की है। जहां उन्होंने संक्रमित मरीजों और जिले में हो रहे टेस्ट को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

शनिवार की सुबह प्रतापगढ़ जिले के एल-1 हास्पिटल के पास सेन्ट अन्थोनी इण्टर कालेज में यह बैठक संपन्न हुई। जहां जिला अधिकारी संग डिप्टी सीएमओ डॉ सीपी शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कांटेक्ट हिस्ट्री पर दिया जोर

इस बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रतापगढ़ जिले में कान्टैक्ट ट्रेसिंग सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से सम्पादित की जाये, कान्टैक्ट ट्रेसिंग के समय मरीज की बैकग्राउण्ड हिस्ट्री, भ्रमण विवरण की जानकारी अवश्यक की जाये कि वह कहां-कहा गया, किसके सम्पर्क में रहा, कान्टैक्ट ट्रेसिंग का कार्य विशेष ध्यान देकर सुनिश्चत किया जाये।

इसके बाद पाज़िटिव व्यक्ति के सम्पर्क में आये सभी व्यक्तियों का आरटीपीसीआर टेस्ट अवश्य किया जाये तथा कोविड टेस्टिंग कार्य में तेजी लायी जाये। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक भोजन देने के साथ-साथ उनका देखभाल भी बेहतर ढंग से की जाये ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न होने पाए।

कंट्रोल सेंटर रहे सक्रिय

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कन्ट्रोल सेन्टर पर व्यक्तियों द्वारा कोविड-19 के सम्बन्ध में जानकारी, ईलाज, स्वास्थ्य सम्बन्धी महत्वपूर्ण बाते एवं अन्य पूछे गये प्रश्नों का सन्तोषजनक उत्तर दिया जाना चाहिए। वहीं रजिस्टर में पूछे गये प्रश्नों का उल्लेख होना चाहिए। साथ में हुई कार्रवाई को भी अंकित किया जाना चाहिए।

इससे कन्ट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली शिकायतों पर विशेष ध्यान देकर निस्तारण सुनिश्चित कराया जा सकेगा एवं मरीजों से फीडबैक प्राप्त करने में आसानी होगी। साथ ही कन्ट्रोल सेन्टर में शिफ्टवार ड्यूटी का नियमित अनुश्रवण करते रहें।

बुजुर्गों के साथ होम आइसोलेशन का भी लेते रहे जायजा

उन्होने निर्देश दिया कि 50 वर्ष के ऊपर के सभी मरीजों की विशेष निगरानी रखी जाये और आवश्यकतानुसार उन्हें एल-1, एल-2 कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया जाये। उन्होने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों से समय-समय पर फोन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य के सम्बन्ध में जानकारी ली जाये और यदि किसी भी मरीज द्वारा कोई शिकायत की जाती है तो उसका यथाशीघ्र निस्तारण किया जाये। होम आइसोलेशन मरीजों में यदि किसी गम्भीर बीमारी के लक्षण दिखे तो तत्काल एम्बुलेन्स भेजकर उन्हें कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया जाये।

उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरआरटी टीम द्वारा होम आइसोलेशन में रखे गये मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक जानकारी एवं औषधियां प्रदान की जाती है कि नही के सम्बन्ध में होम आइसोलेशन में रखे गए रोगियों से प्रतिदिन इंटीग्रेटेड कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर द्वारा जानकारी प्राप्त की जाये।

कोरोना वॉरियर्स की करें मदद

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का भलिभांति निर्वहन करें और सौपे गये दायित्वों का शत प्रतिशत अनुपालन करें एवं अपने अधीनस्थ अधिकारियों, डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं कर्मचारियों के कार्यो की देख-रेख करते रहे, कोविड-19 के कार्यो में यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती जायेगी तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

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