IAS Topper Saumya Gururani: असफलताओं से खुद को निखारने वाली सौम्या गुरुरानी ने प्राप्त किया IAS का लक्ष्य

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IAS Topper Saumya Gururani: इंसान अगर मन में दृढ़ निश्यच कर लें किसी चीज को पाने की, तो वो हर परिस्थियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेता है। और ऐसा ही कुछ कर दिखाया है अल्मोड़ा (Almora) की रहने वाली सौम्या गुरुरानी (Soumya Gururani) ने। वर्तमान में सौम्या गुरुरानी प्रयागराज (Prayagraj) में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (joint magistrate) पद पर तैनात हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका ये सफर इतना आसान नहीं था।

IAS Topper Saumya Gururani

IAS Topper Saumya Gururani: लक्ष्य प्राप्ति में लगे समय को इवेस्टमेंट के तौर पर मानती हैं सौम्या

साल 2018 की टॉपर रह चुकी सौम्या गुरुरानी एक बहुत ही छोटे शहर अल्मोड़ा की रहने वाली हैं। उनका UPSC का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन सौम्या की मेहनत उनके चेहरे को और भी खूबसूरत बना देती है। सौम्या जब लोगों के सामने अपनी बात रखती है तो बहुत सहज लगती हैं।

जितने साल उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी में दिए हैं उन्हें वह इनवेस्टमेंट के तौर पर मानती हैं, जिनकी बदौलत उनके व्यक्तित्व में बहुत सारे सकारात्मक बदलाव हुए। सौम्या का मानना है कि अपने लक्ष्य को पाने के दौरान आने वाले उतार-चढ़ाव आपको निखारती हैं, परिपक्व बनाती है, इसलिए सफलता मिलने में समय लगे तो परेशान न हों बल्कि इसे खुशी से स्वीकार करें।

IAS Topper Saumya Gururani:  एक IAS Topper की सफलता की कहानी

सौम्या गुरुरानी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई अल्मोड़ा में ही पूरी की और उसके बाद इंजीनियरिंग करने वह रुड़की चली गईं। यहां से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्हें कैम्पस प्लेसमेंट में एक अच्छी नौकरी भी मिल गई। लेकिन सौम्या का सपना और उनका लक्ष्य एक बढ़िया नौकरी पाना भर नहीं था। सौम्या सारी उम्र कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रही थीं।

चूंकि सौम्या हमेशा से एक ब्राइट स्टूडेंट थी इसलिए उनकी फैमिली को भी लगता था कि उन्हें यूपीएससी परीक्षा (upsc exam) जरूर देनी चाहिए। जिसके बाद सौम्या के मन में भी यूपीएससी देने का विचार प्रबल होता गया और आखिरकार सौम्या ने अपने दिल की सुनी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं। पहली बार उन्होंने कोचिंग लेकर तैयारी की लेकिन बाद के प्रयास सेल्फ स्टडी से ही किये।

पहले प्रयास में सौम्या मेन्स तक पहुंची लेकिन आगे नहीं बढ़ पाईं। दूसरे प्रयास में उनका प्री भी क्लियर नहीं हुआ। तीसरे में सौम्या ने तीनों स्टेजेस पार किये और रैंक के अनुसार आईपीएस पद के लिए सेलेक्ट हो गईं। ज्वॉइन करने के बावजूद सौम्या ने तैयारी नहीं छोड़ी और अंततः चौथे अटेम्प्ट में साल 2018 में 30वीं रैंक के साथ सेलेक्ट हुईं। इससे उन्हें उनका मनचाहा आईएएस पद भी मिला।

IAS Topper Saumya Gururani:  जब असफलताएं मिलें तो डरकर पीछे न हटें, मिले अनुभव को जीवन में लागू करें

अपने अनुभव के आधार पर सौम्या ने कहा कि यहां सफलता आसानी से नहीं मिलती। कई बार समय लगता है और कई बार बहुत समय लगता है, लेकिन धैर्य न खोएं। यही नहीं इन असफलताओं को सीख के तौर पर लें। इस सफर में मिलने वाले फेलियर आपको परिपक्व बनाते हैं और आपके व्यक्तित्व को निखारते हैं। जब असफलताएं मिलें तो डरकर कदम पीछे न करें बल्कि इनसे मिले अनुभव को जीवन पर लागू करें। देखें क्या कमी रह गयी थी, उसे अगली बार न दोहराएं।

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सौम्या उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं जिन्हें लगता है कि शादी के बाद करियर खत्म हो जाता है या संभावनाएं कम हो जाती हैं। उन्होंने चौथा प्रयास शादी के बाद ही किया। जिसमें वह टॉपर बनीं। वह कहती हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और नियत साफ हो तो चाहे आप शादी-शुदा हों, नौकरीपेशा हों या आपके बच्चे हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

इंसान चाहता है तो अपनी प्रायॉरिटी के हिसाब से समय निकाल ही लेता है। अगर फैमिली सपोर्टिव है तो कोई दिक्कत नहीं आती। परिवार और दोस्तों के सहयोग से आप सकारात्मक महसूस करेंगे और मोटिवेट भी होंगे। इसलिए ऐसे लोगों के टच में रहें। तैयारी के नाम पर खुद को सबसे अलग न कर दें क्योंकि आप एक इंसान हैं और आपकी इमोशनल नीड्स भी हैं।

सौम्या गुरुरानी अपने लक्ष्य प्राप्ति के सफर में जितने भी उतार-चढ़ाव देखे हैं उससे उन्होंने खुद को निखारा है, संवारा है। असफलताओं में भी उम्मीद की किरण को ढूढ़ निकाला और उसे कभी अपने से अलग नहीं किया। और यही वजह है कि सौम्या गुरुरानी आज इस मुकाम पर हैं।

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