कृषि कानूनों के खिलाफ राहुल गांधी का राष्ट्रपति भवन तक मार्च

राहुल गांधी सितंबर में लागू किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ दो करोड़ हस्ताक्षर का ज्ञापन राष्ट्रपति को देने जा रहे हैं। राहुल ने अपनी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका  वाड्रा के साथ यहां पार्टी मुख्यालय से मार्च की शुरूआत की।

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक पार्टी सांसदों के साथ एक मार्च निकाला। ये सभी पुलिस प्रतिबंधों के बावजूद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने जा रहे थे।

राहुल गांधी सितंबर में लागू किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ दो करोड़ हस्ताक्षर का ज्ञापन राष्ट्रपति को देने जा रहे हैं। राहुल ने अपनी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका  वाड्रा के साथ यहां पार्टी मुख्यालय से मार्च की शुरूआत की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, शशि थरूर, गुलाम नबी आजाद, के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद थे।

तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत कांग्रेस ने 2 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा किए हैं। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पर किसानों, खेत मजदूरों और अन्य हितधारकों के हस्ताक्षर शामिल हैं जो इन कानूनों का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने हालांकि विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति से मिलने सिर्फ तीन लोगों को जाने दिया जाएगा।

इससे पहले, कांग्रेस  सोशल मीडिया विभाग के राष्ट्रीय संयोजक सरल पटेल ने ट्वीट किया, कांग्रेस मुख्यालय, नई दिल्ली में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है। आज राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति कोविंद को 3 काले कानूनों के खिलाफ दो करोड़ हस्ताक्षर प्रस्तुत करेंगे और उनसे आग्रह करेंगे कि इनको निरस्त करें।

किसान पिछले 29 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी की कई सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।   इन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। किसानों के साथ कई दौर की वार्ता विफल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में   कहा है की कानून के खिलाफ विरोध का अधिकार  है |उसने सरकार से पूछा कि  क्या सुनवाई पूरी  होने तक कृषि कानूनों पर रोक लग सकती है ?

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