अब करेगा ‘निंजा’ रेलवे की संपत्ति और यात्रियों की रक्षा

26 ड्रोन 'निंजा' का प्रयोग सेंट्रल रेलवे और साउथ सेंट्रल रेलवे में किया जा रहा है

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अब भारतीय रेलवे (indian railways) की संपत्ती और ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों (passengers) की सुरक्षा का जिम्मा एक ‘निंजा’ करेगा। रेलवे ने एक हाई क्वालिटी ड्रोन (high quality drone) बनाया है जिसका नाम ‘निंजा’ रखा गया है। फिलहाल रेलवे ऐसे 26 ड्रोन अलग अलग ज़ोन में इस्तेमाल कर रहा है। इन सभी ड्रोन (drone) के लिए रेलवे ने डीजीसीए (DGCA) से परमिशन ली है। सेंट्रल रेलवे (central railway) और साउथ सेंट्रल रेलवे (south central railway) में इन ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है।

रेलवे के मुताबिक कुम्भ या अन्य त्योहारों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी ड्रोन का प्रयोग बहुत कारगर साबित होगा। भारतीय रेलवे के एक अधिकारी की माने तो एक ड्रोन नौ जवानों की जगह निगरानी के लिए तैनात किया जा सकता। इतना ही नहीं रेलवे की सम्पत्तियों की निगरानी करते समय ड्रोन की मदद से अबतक कई चोरों को भी पकड़ा जा चुका है।

जिन रेलवे यार्ड में लंबी दूरी का फैलाव है वहां इन ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। ड्रोन की मदद से यार्ड का एरियल व्यू आसानी से मिल जाता है। जिससे मैन पावर की भी बचत होती है।

आपको बता दें आरपीएफ़ ने एक आधुनिकीकरण सेल बनाई है जिसके सदस्यों को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग और लाइसेंस दिया गया है। ये ड्रोन दो किलोमीटर की दूरी तक अपने कैमरों से निगरानी कर सकते हैं। एक ड्रोन कैमरे का वजन 2 किलो है। साथ ही ये सभी ड्रोन दिन की रोशनी में 1280×720 पिक्सल तक की एचडी इमेजे कैप्चर कर सकते हैं।

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