आखिर क्या थी आशा भोंसले और लता मंगेशकर के झगड़े की वजह ?

सबसे ज्यादा गाने का रिकॉर्ड है आशा भोंसले के नाम, गायकी के अलावा अपने शौक कुकिंग का भी किया विस्तार.. हैं कई रेस्टोरेंट्स की मालकिन, आज है उनका जन्मदिन।

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Birthday Special – अक्सर लोगों के बीच यह असमंजस रहता है और इस बात को लेकर काफी कंफ्यूजन है कि सबसे ज्यादा गाने का रिकॉर्ड किसके नाम है, और जो नाम इसमें लगभग सभी को संतुष्ट करता है वह है ‘आशा भोंसले’ Asha Bhonsale का नाम। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी आशा भोंसले का नाम ही दर्ज है जहां उनका 13000 गानों को गाने का के लिए नाम दर्ज है। शुरुआत में कैबरे सिंगर के नाम से मशहूर हुई आशा ताई ने धीरे-धीरे सब को बता दिया कि उनके सामने किसी तरह का भी गाना लाया जाए उतनी ही बखूबी से गाएंगी। यह उन्होंने ‘उमराव जान’ फ़िल्म की ग़ज़लों से साबित कर दिया, जहां उन्होंने ‘इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं’ जैसी खूबसूरत गजल गायी।

9 साल से गायकी

8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र Maharashtra के सांगली Sangli में जन्मी आशा भोसले के पिता उनके जन्म के 9 साल बाद ही गुजर गए ऐसे में परिवार चलाने की जिम्मेदारी आशा भोंसले और उनकी बहन लता मंगेशकर Lata Mangeshkar पर आई जिसके बाद उन्होंने गायकी शुरू की 1943 में आशा भोंसले ने सबसे पहले एक मराठी फिल्म Marathi Film ‘माझा बल’ में पहला गीत ‘चला चला नव बाला’ गीत गाया था। इसके बाद 1948 में आशा भोंसले ने पहली बार हिंदी फिल्मों में गाना गाया जहां हंसराज बहल Hansraj Bahal के निर्देशन में उन्होंने फिल्म ‘चुनरिया’ में ‘सावन आया’ गीत गाया था।

ग्रैमी के लिए नामित

आशा भोंसले पहली भारतीय सिंगर है जिन्हें संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला विश्व का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार ग्रैमी Grammy Award के लिए दो बार नामित किया गया था। आशा भोंसले को पहली बार 1997 और दूसरी बार 2005 में ग्रैमी के लिए नॉमिनेट किया गया था। आशा भोंसले जब इंडस्ट्री में अपने कदम जमा रही थी उस वक्त उनकी बहन लता मंगेशकर, शमशाद बेगम Shamshad Begum और गीता बाली Geeta Bali का सिक्का गायकी में चलता था और अधिकतर गाने इन्हीं तीनों की झोली में जाते थे। आशा भोंसले को वह गाने मिलते थे जो गाने बाकी सिंगर्स नहीं करते थे। इसलिए शुरुआत के कई सालों तक उनकी मुख्य गायिका वाली पहचान नहीं बन पाई। 1957 में आई फिल्म ‘नया दौर’ Naya Daur से आशा भोंसले बड़ी गायिका के रूप में स्थापित होने लगी।

शादी से नाराज परिवार

16 वर्ष की उम्र में आशा भोंसले ने बड़ी बहन लता मंगेशकर के पर्सनल सेक्रेटरी गणपतराव Ganpat Rao से शादी कर ली जो उस वक्त 31 साल के थे। इस शादी से आशा भोंसले का पूरा परिवार उनसे नाराज था और कोई नहीं चाहता था कि वह यह शादी करें इस कारण आशा भोसले और लता मंगेशकर कई वर्षों तक बोलचाल बंद रही। यह शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और 1960 में आशा भोंसले अपने तीन बच्चों के साथ अपनी मां के घर आ गई। 1980 में आशा भोंसले ने एसडी बर्मन SD Burman के बेटे आरडी बर्मन RD Burman से दूसरी शादी की। आरडी बर्मन आशा भोंसले से 6 साल छोटे थे।

आशा भोंसले ने अपने करियर में एक से एक आईकॉनिक गाने दिए। उनके कुछ खास प्रसिद्ध गाने हैं –

अभी ना जाओ छोड़ कर’
‘चुरा लिया है तुमने जो’
‘राधा कैसे ना जले’
‘आज रपट जाए’
‘किताबें बहुत सी पढ़ी होंगी’
‘जरा सा झूम लूं मैं’

कुकिंग का शौक

आशा ताई ने गायकी के अलावा अपने शौक कुकिंग को भी बखूबी समय दिया और दुबई, बहरीन, कुवैत, कतर समेत कई देशों में उनके रेस्टोरेंट हैं। आशा भोंसले को संगीत के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मविभूषण Padmvibhushan और दादासाहेब फाल्के Dadasaheb Falke पुरस्कार से नवाजा गया है। आशा भोंसले ने अपने करियर में 7 फिल्मफेयर Filmfare पुरस्कार जीते 2001 में उन्हें फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया था।

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