बिहार चुनाव : दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को, दांव पर तेजस्वी, तेजप्रताप का भविष्य

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1,463 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1316 पुरूष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर शामिल है।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरे चरण के 3 नवंबर को होने वाले मतदान में महागठबंधन के चेहरा और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और उनके भाई तेजप्रताप यादव सहित कई युवा नेताओं के सियासी भविष्य भी दांव पर लगे हैं।
दूसरे चरण में मंगलवार को 94 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में नीतीश मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के राजनीतिक भविष्य को भी मतदाता तय करेंगे।

राजद के नेता तेजस्वी यादव बिहार मंत्रिमंडल के सदस्य रह चुके हैं और महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। चुनाव जीतने को लेकर तेजस्वी खूब पसीना बहा रहे हैं। तेजस्वी एकबार फिर राघोपुर से चुनावी मैदान में हैं।

वहीं, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र और तेजस्वी के भाई तेजप्रताप यादव का भी सियासी सफर दांव पर है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप इस चुनाव में महुआ विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर समस्तीपुर के हसनपुर से चुनावी मैदान में हैं। हसनपुर में जीत दर्ज करने को लेकर तेजप्रताप कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

इसके अलावा इस चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उसमें पटना के बांकीपुर सीट भी शामिल है, जहां से कांग्रेस ने पटना साहिब के सांसद रहे और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को चुनावी मैदान में उतारा है। लव सिन्हा इस चुनाव से राजनीतिक सफर की शुरूआत कर रहे हैं।

इसके अलावा इस चरण में मतदाता प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी के भी राजनीतिक सफर को तय करने वाले हैं। चौधरी बांकीपुर से चुनावी मैदान में हैं। बांकीपुर से ही भाजपा ने एकबार फिर नितिन नवीन को चुनावी अखाड़े में उतारा है।

इस चरण के चुनाव में पटना साहिब से पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मधुबन से सहकारिता मंत्री रंधीर सिंह, नालंदा से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का भी राजनीतिक भविष्य दांव पर है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1,463 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1316 पुरूष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर शामिल है।

दूसरे चरण में दो करोड़ 85 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण के लिए 41,362 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चरण के चुनाव में महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 27 प्रत्याशी हैं जबकि दरौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। आयोग के मुताबिक कोरोना काल में मतदान को लेकर कई तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इस चरण में राजद के 56 तो जदयू के 43 उम्मीदवारों के अलावे भाजपा के 46, कांग्रेस के 24, सीपीआई के चार, सीपीएम के चार, लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के 52 तथा रालोसपा के 36 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

बिहार के चुनावी दंगल में राजग से सीधी टक्कर विपक्षी दल के महागठबंधन से मानी जा रही है। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में जदयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं़, जबकि केंद्र में राजग की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) यहां अलग होकर चुनाव मैदान में है। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं।

 

 

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