Bihar election : क्यों नहीं सुलझ रही NDA और महागठबंधन में सीट शेयरिंग की गुत्थी

राज्य में पहले चरण के चुनाव के लिए गुरुवार से नामांकन शुरू

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पटना : बिहार विधानसभा 2020 के लिए जंग छिड़ चुकी है। लेकिन राज्य के दो सबसे बड़े गठबंधनों में सीट शेयरिंग का फार्मूला पूरी तरीके से अभी तक तय नहीं हो पाया है। NDA में लोजपा के पेंच को सुलझाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व और चिराग पासवान(Chirag paswan) के बीच एक बार फिर से चर्चा होगी। इसके बाद जदयू, भाजपा और लोजपा के नेता एक साथ मिलकर सीटों के बंटवारे के मामले को सुलझाएंगे ।

 

जीतन राम मांझी(Jitan Ram Manjhi) की पार्टी के एनडीए में शामिल होने के बाद से समीकरण बिगड़ गए थे। मांझी के एंट्री से अपने आप को असुरक्षित महसूस करने वाली लोजपा अभी तक सीट शेयरिंग के फार्मूले से खुश नहीं हो पाई है। यह भी उम्मीद लगाई जा रही थी कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी NDA में एंट्री करेगी लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा(Upendra kushwaha) ने मायावती(Mayawati) का दामन थाम लिया है।

 

महागठबंधन में भी राजद और कांग्रेस के बीच स्थिति ठीक नहीं चल रही है। कांग्रेस कम से कम 75 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है वहीं राजद 60 से ज्यादा सीट देने के मूड में नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि जीतन राम मांझी(Jitan Ram Manjhi) और उपेंद्र कुशवाहा(Upendra kushwaha) के महागठबंधन से अलग होने के बाद कांग्रेस की साख बढ़ी है। इसलिए कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग कर रही है । हालांकि इस मामले में दोनों दलों का कहना है कि वे साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे।

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