कोरोना वैक्सीनेशन की अलख जगा रही झारखंड की महिलाएं

ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा सखी मंडल की महिलाओं को ऑफ-लाइन एवं ऑन-लाइन माध्यमों से कोविड से बचाव एवं टीकाकरण के फायदे को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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रांची : झारखंड में कोरोना को लेकर गांव के लोगों को जागरूक करने या टीकाकरण (वैक्सीनेशन) को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागृत करने की बात हो राज्य की सखी मंडल की महिलाएं आगे बढकर लोगों की मदद कर रही हैं।

ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा सखी मंडल की महिलाओं को ऑफ-लाइन एवं ऑन-लाइन माध्यमों से कोविड से बचाव एवं टीकाकरण के फायदे को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जा रहा है, जिसके तहत अबतक 24.98 लाख सखी मंडल की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका हैं।

कोविड की दूसरी लहर में करीब 400 कैडर एवं स्टाफ को होम आइसोलेशन एवं ‘ घर पर कोविड के हलके लक्षणों की देखभाल’ की जानकारी का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया।

महिलाओं के प्रयास से बढ़ रही जागरूकता, टीकाकरण के लिए आगे बढ़ रहे ग्रामीण दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड के पटसार गांव की सावित्री देवी आजीविका सखी मंडल की सदस्य हैं। सावित्री देवी के प्रयास से उनके गांव के 115 से भी ज्यादा लोगों ने कोविड-19 से बचाव हेतु टीकाकरण करवाया है।

सावित्री बताती हैं, ” मुझे जेएसएलपीएस के तरफ से गांव में कोविड-19 संबंधित जागरूकता का प्रसार करने का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। मैंने कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियां घर-घर जाकर लोगों को दी।

ग्रामीण इलाकों में अभी भी कोविड-19 के टीकाकरण को लेकर बहुत सी भ्रान्तियां फैली हुई हैं। पहले तो लोग टीकाकरण से संबंधित बात सुनने को तैयार नहीं थे, लेकिन काफी प्रयास और समझाने के बाद अब वे खुद टीकाकरण के लिए आगे बढ़ रहें हैं।”

खूंटी जिले के हुसीर पंचायत की 60 वर्षीय कजरा देवी ने भी सखी मंडल की महिलाओं द्वारा जागरूक करने पर अपना टीका करवाया है।

कजरा बताती है, ” टीकाकरण को लेकर हमारे मन में बहुत से सवाल थे, डर भी था। लेकिन, समूह की महिलाओं ने आकर समझाया, फिर टीकाकरण करवाने लेकर भी गयी और पूरे समय साथ रही, जिससे हौसला बना रहा। अब मैं गांव के अन्य लोगो को खुद टीका लगवाने के लिए कहती हूं।”

जेएसएलपीएस के सीईओ आदित्य रंजन कहते हैं कि राज्य में लाखों महिलाएं आज कोविड-19 संक्रमण का प्रशिक्षण लेकर अपने परिवार एवं गांव तक हर जरुरी जानकारी पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों को संक्रमण से बचाने के लिए सखी मंडल की दीदियों ने मोर्चा संभाल लिया है।

जेएसएलपीएस की टीम द्वारा लगातार सखी मंडल की दीदियों को कोविड संबंधित जागरूकता प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य की सभी 32 लाख सखी मंडल की महिलाओं को इस जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस से बचाव और टीकाकरण की जानकारी हर घर तक पहुंच सके।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों को संक्रमण से बचाने एवं कोविड के प्रबंधन के लिए तैयार रखने में यह प्रशिक्षण काफी कारगर साबित होगा। राज्य के 29 लाख महिलाएं आज अपने परिवार एवं गांव को जागरुक करने में जुटी है।

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