क्या ग्रेटा थनबर्ग को मिलेगा शांति का नोबेल पुरस्कार?

ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) को एक बार फिर शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। इस बार स्वीडन के दो और नार्वे के तीन सांसदों ने उनके नाम को आगे बढ़ाया है।

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जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को लेकर ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) दुनियाभर के लोगों के लिए आइकन बन चुकी हैं । यही वजह है कि उन्हें बार बार नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामित किया जाता है ।एक बार फिर उन्हें स्वीडन( Sweden) के दो और नार्वे ( Norway) के तीन सांसदों ने शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया है। इससे पहले भी फरवरी 2020 में स्वीडन( Sweden) के दो सांसदों ने शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए उनके नाम को आगे बढ़ाया था।

 

कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg)

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के लिए आवाज उठाने वाली 17 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग स्वीडन की पर्यावरणविद् है। उन्हें 2019 में टाइम मैगजीन द्वारा टाइम पर्सन ऑफ द ईयर 2019 का पुरस्कार भी मिल चुका है । 2019 में संयुक्त राष्ट्र में जलवायु परिवर्तन पर दिए गए भाषण से थनबर्ग ने पूरी दुनिया के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया । ग्रेटा ने अपने भाषण में कहा था , “आपने हमारे सपने, हमारा बचपन अपने खोखले शब्दों से छीना।हालांकि, मैं अभी भी भाग्यशाली हूं। लेकिन लोग झेल रहे हैं, मर रहे हैं, पूरा ईको सिस्टम बर्बाद हो रहा है।”

अपने संबोधन के दौरान ग्रेटा भावुक हो गई थीं और कहा था, “आपने हमें असफल कर दिया। युवा समझते हैं कि आपने हमें छला है। हम युवाओं की आंखें आप लोगों पर हैं और अगर आपने हमें फिर असफल किया तो हम आपको कभी माफ नहीं करेंगे।”

 

इस भाषण की चर्चा दुनिया भर में हुई थी और तब से उन्हें नोबेल पुरस्कार देने की मांग उठ रही है ।

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