एक्टर हूं तो क्या हुआ, आज भी गांव में नीचा समझते हैं लोग : नवाज

एक चैनल से बातचीत करते हुए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का दर्द छलका, कहा दादी के वजह से गांव में आज भी जातीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

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मुंबई : जातीय भेदभाव का शिकार ना सिर्फ गांव में रहने वाले लोग होते हैं बल्कि कभी-कभी बड़े सितारों को भी इस अभिशाप का दंश झेलना पड़ता है। एक चैनल से बातचीत करते हुए मशहूर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी(Nawazuddin siddiqui) ने अपने इसी दर्द को बयां किया।

 

उन्होंने कहा कि मशहूर होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आज भी वह अपने गांव में एक एक्टर नहीं बल्कि एक नीची जाति वाले समझे जाते हैं। उनसे बातचीत के दौरान जब हाथरस घटना का जिक्र आया तो उन्होंने अपना दर्द भी बयां किया। उन्होंने कहा कि मेरी दादी नीची जाति से थी। इसी वजह से आज भी लोग उनके परिवार को स्वीकार नहीं करते हैं।

 

आपको बता दें कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी(Nawazuddin siddiqui) 2 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म ‘सीरियस मैन’ में एक दलित आदमी की भूमिका में नजर आए थे। यह फिल्म सुधीर मिश्रा(Sudhir Mishra) द्वारा निर्देशित है । यह फिल्म मनु जोसेफ की किताब ‘सीरियस मैन’ पर बेस्ड है ।

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