बसंत महिला महाविद्यालय में भारतेंदु के जन्मदिवस पर गोष्ठी का आयोजन

वेब के जरिए तीन सत्रों में हुआ आयोजन।

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BHU Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संबंध कॉलेज बसंत महिला महाविद्यालय राजघाट के हिंदी विभाग एवं मास कम्युनिकेशन सेल के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन हुआ। यह गोष्ठी भारतेंदु हरिश्चंद्र के जन्मदिवस के अवसर पर ‘भारतेंदु और भारत भाव’ विषयक पर वर्चुअल माध्यम से किया गया। गोष्ठी की शुरुआत कुलगीत के गायन द्वारा की गई।
पहला सत्र

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में डॉ. सुब्बाइया षणमुगम (प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, सर्जिकल ऑंकोलॉजी विभाग, किलपॉक मेडिकल कॉलेज एवं गवर्नमेंट रोयापेट्टा हॉस्पिटल चेन्नई) उपस्थित रहे। वहीं सत्र की अध्यक्षता प्रोफ़ेसर नंद किशोर पांडेय (पूर्व निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा) ने की।

इसके अलावा अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अलका सिंह ने किया। साथ ही सभी वक्ताओं और श्रोताओं का अभिनंदन है। महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन और संचालन हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वंदना झा ने किया। कार्यक्रम का विषय रखते हुए ‘स्वत्व निज भारत गहे’ की सार्थकता और भारतेंदु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शुरुआत की।

मुख्य अतिथि चेन्नई के प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ सुब्बाइया षणमुगम ने सितंबर महीने के महत्व पर बात की। उन्होंने विवेकानंद के शिकागो सम्मेलन भारतेंदु के महत्व और सुब्रमण्यम भारती के निधन पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि यह तीनों व्यक्तित्व संस्कृति सामाजिकता और राजनीतिक दृष्टि से जुड़े हुए हैं।

केंद्रीय हिंदी संस्थान,आगरा के प्रोफेसर नंद किशोर पांडे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारतेंदु जी ने जो लिखा और जिया वह अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ शशि कला त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए भारतेंदु के लेखन का विश्लेषण किया।

दूसरा सत्र

विशेष सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर आभा गुप्ता ठाकुर (हिंदी विभाग,, बीएचयू वाराणसी) और प्रोफेसर सुधांशु भूषण नाथ तिवारी (एसोसिएट प्रोफेसर, आर्यभट्ट कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) एवं डॉ नीरज खरे (एसोसिएट प्रोफेसर हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी) उपस्थित रहे। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. राम सुधार सिंह (पूर्व अध्यक्ष, हिंदी विभाग उदय प्रताप महाविद्यालय वाराणसी) ने की।इस विशेष सत्र का संचालन डॉ. सीमा पांडेय ने और धन्यवाद ज्ञापन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मीनू अवस्थी ने किया।

तीसरा सत्र

गोष्ठी का तीसरा और समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप (प्रोफेसर हिंदी विभाग, बीएचयू वाराणसी) उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता एमेरिटस प्रोफेसर एवं मुख्य संपादक ‘प्रज्ञा जनरल’ हिंदी विभाग बीएचयू वाराणसी के श्रीनिवास पांडे ने की।संगोष्ठी का सारांश डॉ ईशान त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन डॉ वंदना झा ने और सत्र संचालन डॉ. मीनू अवस्थी ने किया।

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