उत्तराखंड पुलिस का यह चेहरा सब को देखना चाहिए, हर तरफ हो रही हैं तारीफें

उत्तराखंड पुलिस ने नशे में गिरफ्तार एक युवा को पहले उसके नशे से निजात दिलाया और अब थाने में ही उसके रहने का इंतजाम कर उसकी पढ़ाई पूरी करवा रहे हैं।

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देहरादून – अक्सर लोगों के ज़हन में पुलिस की बर्बरता वाली तस्वीरें और कुछ ऐसे ही वाकये ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। आज के सोशल मीडिया के दौर में भी इसी तरह की नकारात्मक किस्से और तस्वीरें ज्यादा वायरल हो जाती हैं। पर हाल ही में उत्तराखंड पुलिस (Uttrakhand Police) का एक ऐसा कारनामा सामने आया है जो कि सभी को जानना चाहिए और इसके लिए उत्तराखंड पुलिस को वाहवाही भी देनी चाहिए।

क्या है मामला

उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि साल 2012 में देहरादून (Dehradun), रायपुर (Raipur) के रहने वाला अर्चित (Archit) अपने पिता की मौत के बाद बहुत ज्यादा नशा करने लगा। 2017-18 तक अर्चित अपने घर से नशे के लिए पैसे मांगने लगा जिससे तंग आकर उसके परिजनों ने 2018 में अर्चित को बेंगलुरु (Bengaluru) उसके मामा के पास भेज दिया। एक साल बाद ही अर्चित अपने मामा के घर से वापस देहरादून आया लेकिन इस दौरान भी उसके नशे की लत नहीं छूटी थी। एक बार पैसे नहीं मिलने के कारण अर्चित ने अपने रिश्तेदारों के घर से गहने चोरी कर लिए। जिसके बाद परिजनों ने उसके खिलाफ रायपुर थाने में FIR दर्ज कराई और अर्चित को 1 साल की जेल हुई।

1 अप्रैल 2020 को अर्चित को कोविड-19 के मद्देनजर पैरोल पर छोड़ा गया लेकिन जब अर्चित घर गया तो उसके घरवालों ने उसे स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वह चोरी करके जेल गया था। जिसके बाद मदद की गुहार लगाते हुए अर्चित वापस रायपुर थाने में गया और रायपुर थाना अध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत (Amarjeet singh rawat) ने उसकी कहानी सुनकर अर्चित के रहने का इंतजाम थाने में ही किया। साथ ही उसकी पढ़ाई का भी इंतजाम किया। थाना अध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि अर्चित की 12वीं की पढ़ाई छूट गई थी जिसे पूरा कराने में वह सहयोग कर रहे हैं।

वकील बनना चाहता है

अर्चित अब थाना रायपुर में रहकर गरीब और असहाय लोगों की मदद करता है साथ ही अपनी तरह नशे में जकड़े हुए युवाओं को आत्मशक्ति से नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करता है। अर्चित के व्यवहार को देखकर महामहिम राज्यपाल ने अर्चित की बची हुई 3 माह 8 दिन की सजा को 27 जुलाई को माफ कर दिया। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि अर्चित आगे चलकर वकालत करना चाहता है इसलिए रायपुर थाने की पुलिस अर्चित की हर सम्भव मदद कर रही है जिससे अर्चित वकील बन सके।

1 Comment
  1. Mahmudul Hasan says

    I see. thank you

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