यूपी की टॉप ब्यूरोक्रेसी ने जाना किसानों का हाल-चाल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की टॉप ब्यूरोक्रेसी को नोडल अफसर के रूप में किसानों का हाल-चाल जानने के लिए सभी 75 जिलों में भेजा है।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की टॉप ब्यूरोक्रेसी को नोडल अफसर के रूप में किसानों का हाल-चाल जानने के लिए सभी 75 जिलों में भेजा है। प्रदेश की नौकरशाही में यह पहला अवसर है, जब सूबे के टॉप ब्यूरोक्रेट क्रिसमस और नए वर्ष की छुट्टियां मनाने के बजाए बीते तीन दिनों से ग्रामीण इलाकों में धान एवं गन्ना क्रय केंद्र, गौशालाओं और कोविड केयर सेंटर की जांच-पड़ताल कर रहे हैं, रियलिटी चेक कर रहे हैं। किसानों की दिक्कतों का पता लगा रहे हैं और उनका निदान भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गत 27 दिसंबर से किसानों का हाल जानने के लिए ग्राउंड जीरो यानि गांव तथा धान एवं गन्ना केंद्रों पर घूम रहे टॉप ब्यूरोक्रेट मंगलवार की शाम तक अपना तीन दिनों का ग्रामीण भ्रमण पूरा कर लखनऊ लौटेंगे और अपने रियलिटी चेक की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

चर्चा है कि अफसरों की रिपोर्ट के आधार पर किसानों के हितों को लेकर सरकार आगे की रणनीति तय करेगी। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव तथा मंडलायुक्त स्तर के जिलों में पहुंचे अफसरों ने कई स्तर पर ग्रामीणों के हालतों का जायजा लिया है।
इन अफसर अपसरों ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिन्हित किये गए जिलों में तीन दिन रुक कर अब यह अधिकारी धान क्रय केंद्रों, गन्ना खरीद केंद्रों तथा गौआश्रय स्थलों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को सुना।

इन अफसरों ने धान खरीद में किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ -सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। इसके तहत ही अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने वाराणसी के विकासखंड सेवापुरी में प्रांतिक खेती के एक क्लस्टर व धान क्रय केंद्र का निरीक्षण कर षकों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। वह धान क्रय केंद्र पर भी गए और किसानों से उनकी दिक्कतों के बारे पूछा।

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण कर तैयारियों की समीक्षा की। फिर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने धान केंद्र का निरीक्षण कर किसानों से वार्ता की और उनकी दिक्कतों को जाना।

प्रमुख सचिव भुवनेश कुमार ने कौशांबी के कलेक्ट्रेट परिसर में दिब्यांगजनों को ट्राईसाइकिल एवं कम्बल वितरण किये और अधिकारियों से कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से दिब्यांगो को लाभान्वित कराया जाये, किसी भी प्रकार की हीलाहवाली किये जाने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

अपर मुख्य सचिव आबकारी एवं गन्ना तथा चीनी उद्योग नोडसंजय भूसरेड्डी ने गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन कोल्ड स्टोरेज सेंटर, गो-आश्रय स्थल, धान क्रय केंद्र व गन्ना तौल केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने जनपद फरु खाबाद की मोहम्मदाबाद मंडी के धान क्रय केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अपर्णा यू ने रामपुर में विलासपुर मंडी में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया।

अधिकारियों से धान खरीद की उन्होंने जानकारी ली तो पता चला कि जनपद में 240000 एमटी धान खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 278000 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है जो लक्ष्य से लगभग 16: अधिक है।

बरेली जिले के नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल में बहेड़ी में धान खरीद सेंटर का निरीक्षण किया। किसानों से भी बात की। जिस पर किसानों ने धान की तौल कम होने के शिकायत की। किसानों ने बताया कि बहेड़ी में धान खरीद के सेंटर कम होने से किसानों को धान तुलवाने काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। एक हफ्ते में तौल का नंबर आता है।
अपर मुख्य सचिव ने डीएम बरेली से धान खरीद के सेन्टर बढ़ाने को कहा। उन्होंने धान खरीद के लिए किए गए प्रबंधों को देखने के बाद वही गुड़वारा गांव में सरकारी स्कूल में चौपाल लगा कर ग्रामीणों की जनसमस्याओं को भी सुना।

उन्होंने बहेड़ी में बने गोशाला केंद्र व सरकारी अस्पताल के निरीक्षण किया जिसमें जो भी खामियां मिली उन्हें तुरंत सुधारने के निर्देश दिए। कुल मिलकर ग्रामीणों के बीच अफसरों के पहुंचने संबंधी मुख्यमंत्री के इस फैसले की ग्रामीणों के बीच सराहना हो रही है।

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