विदेशी यूनिवर्सिटी के कैंपस बनाने की बात पर संघ नाराज़

देश में कहीं खुशी कहीं गम

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केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को 29 जुलाई 2020 बुधवार को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति को पूर्व अध्यक्ष डॉ कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में तैयार किया गया है। एक तरफ जहां इस नीति का स्वागत हो रहा है वही विपक्ष इस पर राजनीतिक तंज भी कस रहा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर तंज कसा है। उनका कहना है कि सांस्कृतिक मूल्यों और संविधान के सिद्धांतों को निरंतर नष्ट कर रही है।और उनसे कुछ सीख भी नहीं रही है। भाजपा कोई भी परिवर्तन कर ले इससे कोई बदलाव होने वाला नहीं है। उन्होंने नई शिक्षा नीति को भाजपा द्वारा बच्चों के भविष्य का राजनीतिकरण बताया। अब देखना यह है की नई शिक्षा नीति देश की शिक्षा में क्या नए बदलाव करती है।

आपको बता दें कि कस्तूरीरंगन कमेटी में r.s.s. से जुड़े लोगों को ड्राफ्टिंग में शामिल किया गया। इस नई नीति में उनके मतों का ध्यान भी रखा गया है। जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान पर जोर देने की बात है। वही सरकार ने संघ के कुछ सुझाव से दूरी भी बना ली। विदेशी यूनिवर्सिटियों के भारत में कैंपस खोलने का प्रावधान भी है। जिसे लेकर के स्वदेशी जागरण मंच जमकर विरोध करता नजर आ रहा है।दूसरी तरफ संघ से जुड़े संगठन इसके समर्थन में हैं।

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