Religion Conversion in UP : धर्म परिवर्तन की आड़ में ISI का बड़ा खेल उजागर, मूक बधिर स्कूल को बनाया आतंकी भर्ती का अड्डा

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Religion Conversion in UP : उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन के मामले में पकड़े गए मौलाना उमर गौतम के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने एक बड़ा खुलासा किया है। एटीएस की छानबीन में पता चला है कि नोएडा के डेफ सोसायटी नामक संस्था द्वारा संचालित स्कूल में मूख बधिर बच्चों का धर्म परिवर्तित (Religion Conversion in UP) करवाकर उन्हें आतंकियों की फौज में भर्ती करने का काम चलता था। यहां पर ISI के इशारे पर गैर मुसलमान छात्रों को इस्लाम अपनाने के लिए मोटिवेट किया जाता था। । फिलहाल एटीएस स्कूल संचालिका रोमा रोका से पिछले दो दिन से लखनऊ मुख्यालय में पूछताछ कर रही है।

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नोएडा के स्कूल में बच्चों का कराया जा रहा था (Religion Conversion in UP) धर्म परिवर्तन

पुलिस से पूछताछ के दौरान स्कूल की संचालिका रोमा रोका ने बताया कि उसके स्कूल में देश भर से ऐसे लड़के लड़कियों का दाखिला होता है, जिन्हें समाज में जगह नहीं मिलती और परिवार भी उन्हें बोझ समझता है। खुद में हीन भावना लेकर आए यह मूक बधिर छात्र बड़ी आसानी से मोटिवेट (Religion Conversion in UP) हो जाते हैं। इसीलिए ISI के एजेंट के तौर पर काम कर रही मौलानाओं की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर कई साल से नोएडा डेफ सोसायटी के छात्र-छात्राओं को निशाना बना रही थी। रोमा ने अपने आपको बेकसूर बताया और कहा कि उसको इन गतिविधियों में कोई हाथ नहीं है। इसमें उसके स्कूल के स्टाफ खास तौर पर एक महिला और एक पुरुष टीचर का हाथ था।

धर्मांतरण (Religion Conversion in UP) को लेकर पकड़े गए मौलाना उमर गौतम (Mohammed Umar Gautam) के बारे में एटीएस (ATS) की छानबीन में मंगलवार को हैरान करने वाली बाते सामने आईं। शुरुआती जांच में पुलिस को उमर के पास गाजियाबाद में करोड़ों रुपयों की संपत्ति होने का भी पता चला है। इसका पता चलते ही एटीएस अब मौलाना उमर के बैंक डिटेल्स को भी चेक कर रही है।

एटीएस की छानबीन में सामने आया कि उसके स्कूल में ज्यादातर कश्मीरी मुस्लिम छात्र हैं। इन छात्रों को पहले से ट्रेनिंग देकर यहां भेजा जाता है। इसके बाद यही छात्र हिंदू छात्रों को इस्लाम अपनाने के लिए उकसाते हैं। जैसे ही उन्हें कोई छात्र इनके बहकावे में आजाता है। आता इसकी जानकारी स्कूल स्टाफ को देते। स्कूल स्टाफ यह मैसेज दावा इस्लामिक सेंटर तक पहुंचाता, जिसके बाद मौलानाओं का धर्म परिवर्तन वाला खेल शुरू होता।

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