Reaction on three agricultural laws: कृषि कानून को क्यों लिया गया वापस, अखिलेश यादव ने बताई ये वजह

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Reaction on three agricultural laws: सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले के बाद किसानों के बीच जहां खुशी है तो वहीं विपक्ष पार्टियां केंद्र सरकार पर निशाना साध रही हैं। तीन कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसानों को बधायी देते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार पर हमला बोला है।

Reaction on three agricultural laws

Reaction on three agricultural laws: किसानों से घबरा गई सरकार, लिया कृषि कानून वापस लेने का फैसला

अखिलेश ने कहा कि सरकार किसानों से घबराकर इन कानूनों को वापस ले रही है। उन्होंने कहा, ‘मैं इसका पूरा श्रेय देश भर के किसानों को दे रहा हूं। किसानों की मदद करनी चाहिये। समाजवादी पार्टी की मांग है कि केंद्र सरकार MSP के लिये कानून लाए।

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संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘देश के सभी किसानों को मैं बधाई देना चाहता हूं जिनके संघर्ष और आंदोलन के परिणाम स्वरूप आज तीनों काले कानून वापस लिये गए हैं। काले कानून की वापसी अंहकार की हार हैं। यह किसानों की जीत है, लोकतंत्र की जीत है। सैकड़ों किसानों की मौत के आगे झूठ की माफी नही चलेगी।’

Reaction on three agricultural laws:  वोट के लिए कानून वापस लिये गए

सपा अध्यक्ष ने कहा ‘जिन लोगों ने माफी मांगी है वह लोग हमेशा के लिये राजनीति छोड़ने का भी वचन दें। जिस तरह तीन काले कानून वापस हुये हैं, उससे साफ है कि सरकार डर गई हैं और वोट के लिये कानून वापस हुये हैं।’ यादव ने कहा, ‘सरकार की नजर में किसान किसान नहीं है, किसानों को कितना अपमानित किया गया, क्या-क्या नहीं सुनना पड़ा।

जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया, कोई कल्पना भी नही कर सकता कि अन्नदाता के लिये यह शब्द भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं, वह भारतीय जनता पार्टी ने इस्तेमाल किये। उनके सहयोगी और साथियों ने हर मौके पर किसानों को अपमानित किया है। इसकी सामूहिक जिम्मेदारी होती हैं इसलिये सरकार को इस्तीफा देना चाहिये।’

Reaction on three agricultural laws:  जरूरी नहीं कि चुनाव के बाद ऐसा कानून नहीं आएगा

यादव ने कहा कि नोटबंदी करने से क्या अर्थव्यवस्था आज सुधर गई। उन्होंने कहा कि वह फैसला भी गलत था। उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी नहीं है कि चुनाव के बाद फिर ऐसा कोई कानून नहीं आएगा। सरकार में ऐसे लोग हैं। इसका भरोसा कौन दिलायेगा कि भविष्य में ऐसे कानून नहीं आयेंगे जिससे किसानों को संकट में डाला जाये और अगर इनकी (सरकार की) नीयत साफ होती तो आज किसानों को खाद के लिये लाइन में नहीं लगना पड़ता।

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