अदालत की अवमानना मामले में प्रशांत भूषण पर 1 रुपया जुर्माना

जुर्माना न जमा करने पर 3 महीने की जेल और 3 साल तक के लिए वकालत पर रोक लग सकती है

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Prashant Bhushan Case – वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि 15 सितंबर तक प्रशांत भूषण को जुर्माने के रूप में 1 रुपया कोर्ट में जमा करना होगा। जुर्माना जमा ना करने की स्थिति में उन्हें 3 महीने के लिए जेल और 3 साल तक के लिए वकालत में रोक लगाई जा सकती हैं। बता दें कि कोर्ट ने 25 अगस्त को प्रशांत भूषण मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। उससे पहले की सुनवाई में प्रशांत भूषण को 24 अगस्त तक माफी मांगने का समय दिया गया था पर प्रशांत भूषण अपनी बात पर अड़े रहे, उन्होंने माफी नहीं मांगी।

प्रशांत भूषण का पक्ष रख रहे वकील राजीव धवन Rajiv Dhawan ने 2018 की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के चार जजों से प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी उसी तरह इस विवाद को भी यहीं खत्म कर देना चाहिए। वहीं एटॉर्नी जनरल के.के.वेणुगोपाल (attorny genral K K venugopal) ने कहा कि भूषण को भविष्य के लिए चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए।

माफी ना मांगने पर अड़े थे

इससे पहले सुनवाई में प्रशांत भूषण ने साफ शब्दों में कह दिया था कि उन्होंने न्यायपालिका की कोई अवमानना (contempt of court) नहीं की है इसलिए वह माफी नहीं मांगेंगे और अपने ट्वीट पर कायम हैं। पिछली सुनवाई में प्रशांत भूषण ने महात्मा गांधी द्वारा कहा गया एक कथन कहा था – मैं दया नहीं चाहता हूं। मैं उदारता की अपील भी नहीं करता हूं। मैं यहां हूं ताकि कानूनी रूप से मुझे जो भी सजा मिले, उसे खुशी-खुशी मंजूर कर सकूं।

क्या है मामला

प्रशांत भूषण ने 29 जून को 2 ट्वीट किए थे। जिसमें एक में उन्होंने चीफ जस्टिस बोबडे की महंगी बाइक वाली फोटो ट्वीट की थी और उसमें और दूसरे ट्वीट में उन्होंने भारत के मौजूदा हालात और अन्य 4 जजों की भूमिका पर टिप्पणी की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को न्यायालय की अवमानना का दोषी पाया था।

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