‘दिल बेचारा’ नहीं होता ‘सुशी’

सुशांत, शांत हो सकता है मर नहीं सकता....सुशांत पर स्पेशल

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एक था राजा, एक थी रानी, दोनों मर गए खतम कहानी। पर ये मरने वाली कहानियां कहां अच्छी लगती हैं। किसी को अच्छी नहीं लगती। पर ये लाइनें जाने कितने वक्त तक हर ज़ेहन में रहने वाली हैं। आज का दिन बहुत सारी यादों के साथ लेकर आया है उस चमकते सितारे की आखिरी फिल्म दिल बेचारा, जिसने वक्त से पहले वक्त के हाथों मजबूर होकर दुनिया को अलविदा कह दिया।

जी हां, आज सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा रीलीज़ हो रही है। फिल्म के रीलीज़ से कुछ समय पहले फिल्म की एक्ट्रेस संजना संघी ने सुशांत के लिए एक पोस्ट लिखकर शेयर किया है।

वो लिखती हैं- ‘मेरे मैनी, आशा हैं कि तुम हम सभी को देख रहे हो, दुआएं दे रहे हो और हमें आसमान की ओर देखते, तुम्हें ढूंढते देख हंस रहे हो. जैसे मुकेश छाबड़ा ने बहुत सही कहा है कि हम दोनों की पहली फिल्म तुम्हारी आखिरी कैसे हो सकती है?

जिंदगी लोगों के लिए आसान नहीं होती. हमें इस रास्ते पर चलते रहने की शक्ति देने का शुक्रिया. यही ताकत हमें मुश्किल समय में खड़े रहने की हिम्मत दे रही है. दिन आ गया है. आज #DilBecharaDayहै.’

सुशांत न तो कोई आम इंसान थे और न ही उनके निभाए किरदार। और आज जब उनकी आखिरी फिल्म रीलीज़ हो रही है तब एक एक कर उनकी ज़िंदगी के पन्ने कुछ यूं सामने आ रहे हैं।

21 जनवरी 1986 को पटना में कृष्णा कुमार सिंह और उषा सिंह के घर पर एक प्यारे से बच्चे ने जन्म लिया. तब किसी को नहीं पता था कि ये बच्चा एक दिन अपनी एक्टिंग के दम पर पूरी दुनिया पर छा जाएगा। नाम रखा गया, सुशांत सिंह राजपूत।

सेंट कैरेंस हाई स्कूल, पटना से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली के कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल से की। इसके बाद दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से उन्होंने मैकेनिकल की पढ़ाई पूरी की।

सुशांत पढ़ाई में बहुत अच्छे थे, पर वे फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहते थे, इसलिए पटना से दिल्ली और फिर दिल्ली से उन्होंने मुंबई का रुख किया।

मुंबई में सुशांत

सुशांत ने अपने करियर की शुरुआत बैकअप डांसर के रुप में की। उन्होंने श्यामक डावर से भी डांस सीखा। 51वें फिल्मफेयर अवॉर्ड में उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम किया। यहां वो थियेटर से जुड़े और जमकर मेहनत की। उन्होंने मशहूर एक्शन डायरेक्टर अलन अमीन से मार्शल आर्ट्स सीखा। उनके अंदर एक जुनून था खुद को हर दिन बेहतर बनाने का।

खुद को तराशने का। इस दौरान वो अलग अलग प्रोडक्शन हाउसेस के चक्कर लगाते रहे और आखिरकार साल 2008 में ‘किस देश में है मेरा दिल’ से उन्होंने छोटे परदे की दुनिया में कदम रखा।

फिर साल 2009 में वे नज़र आए मशहूर टीवी सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव के किरदार में। इस शो से वे अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे। ज़रा नच के दिखा सीज़न 2 में वे प्रतिभागी के तौर पर नज़र आए। इसके बाद झलक दिखला जा के सीज़न 4 में बतौर प्रतिभागी उन्होंने अपने नच का जलवा दिखाया और मोस्ट कंसिस्टेंट परफॉर्मर का खिताब अपने नाम किया।

ये शो वैसे तो डांस का था, पर यहां सुशांत के अंदर का जो मासूम इंसान है उसकी झलक भी लोगों को दिखी। मुझे आज भी याद है जब उन्होंने कहा था कि मैं अपनी मां को बहुत मिस करता हूं, मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मलाल यही है कि वो मुझे बतौर एक्टर नहीं देख पाईं। उस समय टेलीविज़न के उस पार उनकी आंखें छलकी थीं और इस पार जाने कितनी आंखें बरस गईं।

इसके बाद एक बार फिर सुशांत की किस्मत ने अपना सिक्का जमाया और साल 2013 में उन्हें बॉलीवुड का टिकट मिला फिल्म ‘काय पो चे’ से। इस फिल्म में सुशांत के अभिनय ने हर किसी को प्रभावित किया।

कहते हैं कि इस फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए किरदार की प्रेरणा उन्हें अपनी बहन मीतू सिंह से मिली थी, जो कि राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। इस फिल्म के बाद सुशांत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

सुशांत की फिल्में

काय पो छे- (साल 2013), शुद्ध देसी रोमांस (साल 2013), पीके (साल 2014), डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी (साल 2015), एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (साल 2016), राब्ता (साल 2017), चंदा मामा दूर के (साल 2018), केदारनाथ (साल 2018), सोनचिड़िया (साल 2019), छिछोरे (साल 2019), ड्राइव साल 2019।

अधूरा सफर

आइए अब आपको बताते हैं उन फिल्मों के बारे में जिन्हें सुशांत अधूरा छोड़कर चले गए। इन फिल्मों की शूटिंग लॉकडाउन की वजह से रुकी हुई थी।

राइफलमैन- 1962 में भारत और चीन पर बेस्ड इस फिल्म में सुशांतमहावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह का किरदार निभाने वाले थे।

पानी– शेखर कपूर अपनी इस फिल्म में सुशांत को कास्ट करने वाले थे, इस फिल्म पर काफी काम हो चुका था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया। लेकिन अब शेखर कपूर का कहना है कि वे इस फिल्म को दुबारा शुरु करेंगे।

इमरजेंसी- आनंद गांधी की इस फिल्म में पहले इरफान ख़ान काम करने वाले थे, लेकिन उनके निधन के बाद इस फिल्म के लिए सुशांत को साइन किया गया था।

12 एपिसोड सीरीज़– साल 2018 में इनसेइ वेंचर्स के साथ मिलकर सुशांत 12 एपिसोड्स की स्पेशल सीरीज़ बना रहे थे, जिसमें वे एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर चाणक्य तक के रोल निभाने वाले थे।

सुशी की लव लाइफ-

सुशांत को प्यार से सभी सुशी बुलाते थे। अगर बात करें उनकी लव लाइफ की तो पवित्र रिश्ता के सेट पर एक साथ काम करते करते सुशांत और अंकिता लोखंडे काफी करीब आ गए। उसके बाद दोनों ने लिव इन में रहने का फैसला किया और करीब  सात साल दोनों एक साथ रहे।

पर बदलते वक्त के साथ वे कामयाबी की सीढ़ियां जैसे जैसे चढ़ते गए, दूसरी हीरोइन्स से सुशांत करीब होते गए और अंकिता से दूर। फाइनली, दोनों अलग हो गए।

अंकिता से ब्रेकअप के बाद सुशांत अपनी को स्टार कृति सेनन के करीब आ गए। कहा ये भी जाता है कि अंकिता से अलगाव की वजह कृति ही थीं। पर ये दोनों ज्यादा वक्त तक साथ नहीं रहे और साल 2017 में इनके ब्रेकअप की ख़बरें आने लगीं।

इसके बाद सुशांत और जलेबी फेम एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती की नज़दीकियों की ख़बरें आने लगीं। इस रिश्ते को लेकर दोनों में से किसी ने भी कभी कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया, लेकिन रिया और सुशांत एक साथ रहने लगे थे।

अलविदा सुशांत

कई महीने से बुरी तरह डिप्रेशन से घिरे सुशांत ने 14 जून को अपने बांद्रा वाले फ्लैट में फांसी लगाकर अपनी ज़िंदगी खत्म कर ली। सुशांत की मौत ने एक बार फिर बॉलीवुड की चमचमाती रोशनी के पीछे के स्याह अंधेरे को सामने लाकर रख दिया।

वरना क्यों एक दमदार कलाकार का दिल बेचारा यूं हार जाता और जिसे चमकता चांद बनना था वो बन गया एक टूटा सितारा। पर एक सच ये भी है कि जब तक किरदार ज़िंदा हैं तब तक कलाकार भी। कलाकार नहीं मरते, सुशांत भी नहीं मरे। सुशांत शांत हो सकते हैं पर मर नहीं सकते।

 

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