चिट्ठी विवाद पर आजाद को पार्टी से निकालने की मांग

बदलाव, पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर पत्र लिखने वालों में शामिल थे आजाद

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कांग्रेस (Congress) के भीतर बीते कई दिनों से काफी हलचल चल रही हैं। 23 नेताओं द्वारा व्यापक बदलाव और अध्यक्ष की मांग को लेकर पत्र लिखे जाने पर बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। चिट्ठी विवाद मामले पर आजाद (Gulam Nabi Aazad) को पार्टी से निकालने की मांग बढ़ती जा रही है। बदलाव और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर पत्र लिखने वालों में आजाद भी शामिल थे।

आपको बता दें कि इस पूरे मामले पर आजाद को पार्टी से निकालने के लिए पठान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में सब तय हो गया था। सोनिया ने कहां था कि मैं आपके पत्र से आहत हूं। बावजूद इसके मामला खत्म हो गया था। वहीं आजाद ने मीडिया के साक्षात्कार में बयान दे दिया। जिससे यह मामला दोबारा से जोर पकड़ता हुआ नजर आ रहा है।

पठान का कहना है कि जब आजाद ने अनुशासन तोड़ दिया तब इन्हें पार्टी से आजाद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आजाद को जम्मू कश्मीर का सीएम बनाया जबकि बाद में वह उप चुनाव जीतें। कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद को बहुत कुछ दिया लेकिन उन्होंने वफादारी नहीं की।

बता दें कि आजाद समेत 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव की मांग की थी। जिसके मद्देनजर बीते 24 तारीख को कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी। जहां प्रस्ताव पर सबकी सहमति बनी थी।

क्या था बयान

इसके बाद अगले ही दिन आजाद ने मीडिया से साक्षात्कार में बयान दे दिया। आजाद का कहना था कि संगठन में भी हर स्तर पर चुनाव होने चाहिए। कांग्रेस पार्टी में अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगले 50 साल तक उसे विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा।

इस बयान के बाद आजाद को पार्टी से निकालने की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। आजाद राज्यसभा से नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर भूचाल सा आता दिख रहा है।

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