अब नेपाल में हो रहा है चीन का विरोध, जानें क्या है पूरा मामला

काठमांडू में चीनी दूतावास के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन, लोगो मे चीन की तरफ से सीमा पर अवैध निर्माण को लेकर आक्रोश, चीन ने कहा यह निर्माण हमने अपने क्षेत्र मे किया

0

नेपाल मे अब चीन के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। नेपाली मीडिया ने बताया कि चीन ने हुमला में 11 इमारतें बनाई हैं। चीन (china news) की तरफ से की गई इस कार्रवाई मे चीन और नेपाल के बीच का एक सीमा स्तंभ गायब है। इन 11 इमारतों मे से एक इमारत में चीनी सुरक्षा बल रहते हैं। इसके अलावा बाकी के अन्य 10 इमारते खाली हैं।

अब इस मुद्दे पर उत्तरी नेपाल के हुमला जिले में चीनी निर्माण को लेकर काठमांडू में चीनी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

 

क्या है पूरा मामला

कुछ दिन पहले चीन-नेपाल सीमा पर नेपाल मे चीन के अतिक्रमण की बात सामने आई थी। नेपाल का कहना है कि चीन ने उसके क्षेत्र मे अवैध रूप से 11 इमारतों का निर्माण किया है। इस मुद्दे पर नेपाल की स्थानीय जनता अब चीन का जोरदार विरोध की कर रही है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी बैनर के साथ लगातार ‘चीन वापस जाओ’ के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारी देश के उस हिस्से की तस्वीरें भी ले रहे थे जहाँ चीन ने अवैध रूप से निर्माण किया है।

नेपाल की तरफ से मामले की पुष्टि स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई। नमखा ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि चीनी पक्ष ने ये दावा किया है कि जिस क्षेत्र में घर बने हैं वह क्षेत्र चीन की सीमा के भीतर आता है।

नेपाली समुदाय के बढ़ते आक्रोश के बीच नेपाल के गृह मंत्रालय के हरकत मे आने की उम्मीद की जा रही है। गृह मंत्रालय के सरकारी अधिकारियों के एक दल द्वारा विवादित जगह की यात्रा प्रस्तावित है। इसके बाद इस घटनाक्रम पर गृह मंत्रालय एक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है।

 

क्या कहता है चीनी पक्ष

अब इस मामले मे चीन की तरफ से भी सफाई पेश की गई है। काठमांडू में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि चीन और नेपाल मैत्रीपूर्ण पड़ोसी हैं। चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया है।

यह भी कहा गया कि मीडिया द्वारा विवादित बताई जा रही इमारत चीन-नेपाल सीमा पर चीन की पक्ष मे बनी हुई है। अगर नेपाली पक्ष को इस पर कोई आपत्ति है तो वह इसका इसकी जाँच करने के लिये स्वतंत्र है। चीन और नेपाल के बीच कोई क्षेत्रीय विवाद नहीं है। दोनों पक्षों ने सीमा मामलों पर हमेशा से आपसी समझ बना रखी है।

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: