NEET Exam 2021: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, दोबारा नहीं होगी नीट परीक्षा 2021

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NEET Exam 2021: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay high court) के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को दो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया गया था।

NEET Exam 2021

NEET Exam 2021: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया पुन: परीक्षा का आदेश

शीर्ष अदालत ने आदेश को खारिज करते हुए कहा, हम सहानुभूति रखते हैं, लेकिन पुन: परीक्षा का आदेश नहीं दे सकते। यह दावा किया गया है कि पर्यवेक्षकों की लापरवाही के कारण छात्रों की टेस्ट बुकलेट और ओएमआर शीट मिश्रित हो गई थी।

एनटीए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रस्तुत किया कि छात्रों के उत्तरों का सही प्रश्न पुस्तिकाओं से मिलान किया जाएगा और कहा कि यदि नीट यूजी पुन: परीक्षा आयोजित करने का निर्देश प्रदान किया जाता है, तो यह एक पैटर्न बन जाएगा।

NEET Exam 2021: दोबारा परीक्षा के निर्देश देने पर यह पैटर्न बन जाएगा- सुप्रीम कोर्ट

केंद्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि हर साल छात्र आगे आएंगे और किसी न किसी गलती के लिए दोबारा परीक्षा की मांग करेंगे। छात्रों की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान गलती होने से अपना कीमती समय गंवा दिया और वे सभी सवालों के जवाब नहीं दे सके।

हालांकि, न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की पीठ ने कहा कि अदालत छात्रों के प्रति सहानुभूति रखती है और उनकी दुर्दशा को पूरी तरह से समझती है, लेकिन उनके लिए फिर से परीक्षा का आदेश नहीं दे सकती।

NEET Exam 2021: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोबारा नीट परीक्षा कराने का दिया था आदेश

दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो मेडिकल उम्मीदवारों के लिए फिर से नीट यूजी 2021 की परीक्षा कराने का निर्देश दिया था। इस आदेश पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

उच्च न्यायालय ने एनटीए को परिणाम घोषित करने से पहले दो उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग नीट परीक्षा आयोजित करके दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था।

NEET Exam 2021: छात्रों के प्रति सहानुभूति है, लेकिन दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं करा सकते

शीर्ष अदालत ने कहा, हालांकि हमें छात्रों के लिए खेद है और हम उनके साथ सहानुभूति रखते हैं लेकिन दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं कर सकते। इस प्रकार, हम नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने के लिए उच्च न्यायालय के निर्देश को रद्द करते हैं।

छात्रों ने दावा किया था कि नीट परीक्षा के दौरान उनकी टेस्ट बुकलेट और ओएमआर शीट आपस में मिक्स हो गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा, हमें छात्रों के लिए खेद है.. लेकिन फिर से परीक्षा आयोजित नहीं कर सकते।

NEET Exam 2021: 16 लाख से ज्यादा छात्रों के परिणाम घोषित करने का रास्ता साफ

28 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने दो उम्मीदवारों के लिए नीट की पुन: परीक्षा पर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी, जिससे परीक्षा देने वाले 16 लाख से अधिक छात्रों के परिणाम घोषित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

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एनटीए ने यह कहते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था कि उच्च न्यायालय के आदेश के कारण परिणाम में देरी हो रही है। शीर्ष अदालत ने कहा था, हम 16 लाख छात्रों के नतीजे नहीं रोक सकते।

पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि जो भी भ्रम है, उसे ठीक किया जाएगा। पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, आप अपने मुवक्किलों के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन उन लाखों छात्रों पर विचार नहीं कर रहे हैं जो परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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