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यूपी में मकर संक्रांति के आसपास शुरू होगा कोविड टीकाकरण: योगी

कोरोना के घटते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को घोषणा की कि प्रदेश में 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होगी।

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गोरखपुर: कोरोना के घटते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को घोषणा की कि प्रदेश में 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बहुमंजिला अधिवक्ता भवन (कलेक्ट्रेट मुख्यालय व तहसील सदर में नवीन अधिवक्ता चैंबर्स) के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में कोविड टीकाकरण का ड्राई रन हो रहा है। 5 जनवरी को यह पूरे प्रदेश में होगा और मकर सक्रांति के आसपास टीकाकरण की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।

योगी ने कहा, “सामूहिक प्रयास से हम प्रदेश में कोरोना को परास्त करने के करीब हैं। सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में कोरोना नियंत्रण के सबसे अच्छे परिणाम के चलते डब्लूएचओ को सराहना करने को मजबूर होना पड़ा।” मुख्यमंत्री ने कहा, “दो माह पूर्व कोरोना के 68000 से अधिक एक्टिव पॉजिटिव केस थे जो आज की तारीख में 13000 पर आ गए हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना से रिकवरी दर सबसे बेहतर 97 प्रतिशत और मृत्युदर एक प्रतिशत के आसपास है। जल्द ही हम इस महामारी पर जीत हासिल कर लेंगे।”

उन्होंने कहा कि 2016 में हवाईसेवा के सर्वे में कहा गया कि गोरखपुर से महज 6 पैसेंजर मिलेंगे। हमने इसे खारिज किया। आज गोरखपुर से 8 शहरों के लिए लाइट सेवा है। वायुसेवा विकास में सहयोगी बन रही है। द्रुत विकास के लिए पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के साथ ही सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।

1947 के बाद से 2017 तक प्रदेश में सिर्फ 12 राजकीय मेडिकल कलेज थे, तीन साल में हमने 30 नए राजकीय मेडिकल कलेज बनाने शुरू किए। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स के साथ ही वाराणसी में एम्स जैसा संस्थान बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने गोरखपुर कलेक्ट्रेट और सदर तहसील के लिए 9 करोड़ 8 लाख 48 हजार रुपये की लागत से बनने वाले अधिवक्ता चैंबर्स का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश की सभी तहसीलों में सुविधायुक्त अधिवक्ता चैंबर्स बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत गोरखपुर से हो रही है।

योगी ने कहा कि ये चैंबर सिर्फ अधिवक्ताओं के लिए नहीं बन रहे, बल्कि ये आम आदमी के लिए न्याय पाने का मंच बनेंगे। यह वास्तव में सबसे पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के कार्य का शुभारंभ है। उन्होंने आह्वान किया कि अधिवक्ता वादकारी के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी मंडलीय विभागीय कार्यालयों को एक एकीकृत भवन में लाने का निर्णय लिया है। गोरखपुर और वाराणसी कमिश्नरी से इसकी शुरुआत की गई है। यहां जनता और अधिवक्ताओं को एक ही जगह सारी सुविधा मिल जाएगी। यहां ऐसी कैंटीन की भी व्यवस्था की जाएगी जहां गांव से आए लोगों को सस्ते में भोजन मिल जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अधिवक्ता समाज की हरसंभव मदद को तत्पर है। 2017 में अपने लोक कल्याण संकल्पपत्र को अंगीकार करते हुए सरकार ने अधिवक्ता सामाजिक सुरक्षा निधि के तहत 471 मामलों में 23.11 करोड़ और अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत 662 मामलों में 4.46करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
युवा अधिवक्ताओं को 5000 रुपये प्रति माह सहायता योजना के तहत 1.87 करोड़ की राशि स्वीकृत और 1.60 करोड़ की राशि वितरित की गई है। बहुमंजिला भवनों और पार्किंग के लिए इलाहाबाद हाइकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ को क्रमश: 573 और 184 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

शिलान्यास समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा, “आज गोरखपुर हिंदुस्तान के पटल पर चमकता दिखाई दे रहा है तो उसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संघर्ष है। योगी जी ने यहां से माफिया और भय का विनाश कर विकास किया है।”

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