सुपर एआई पोलेराईस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा को भारत दे रहा बढ़ावा

विशेष तकनीकी से तैयार किया गया सुपर एआई इंसानी दिमाग की तरह निर्णय लेने में सक्षम है। मशीनों को इंसानी दिमाग की अनेक विशेषताएं दी गयी है ताकि वो और बेहतर तरीके से कार्य कर सके।

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युवाओं के दिमाग को और ज्यादा विकसित करने के लिए सुपर एआई पोलेराईस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा को भारत बढ़ावा दे रहा है। सबसे पहले इसकी सामूहिक शिक्षा आचार्य नरेन्द्र देव इण्टर कॉलेज उरई जालौन में दी जाएगी।

विशेष तकनीकी से तैयार किया गया सुपर एआई इंसानी दिमाग की तरह निर्णय लेने में सक्षम है। मशीनों को इंसानी दिमाग की अनेक विशेषताएं दी गयी है ताकि वो और बेहतर तरीके से कार्य कर सके।

सूपर एआई पोलेराईस के फाउंडर डारेक्टर डीएन शुक्ला जी का कहना है कि 2017 के वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (World Economic Forum) में एआई विषय पर चर्चा हुई और चीन तत्काल इस पर कार्य करने लगा |

भारत सरकार ने इसकी उपयोगिता को देखते हुए न्यू एजुकेशन पॉलिसी में इसको शामिल करने के साथ ही स्किल एजुकेशन में भी एआई को प्राथमिकता पर रखा है| हम देश के हर छात्र को इस विषय की शिक्षा देना चाहते है ताकि भारत भविष्य के अवसरों का लाभ उठा सके।

आचार्य नरेन्द्र देव विद्यालय के प्रबंधक सुदामा दीक्षित जी का कहना है कि इस तकनीक के विषय के बारे में जैसे ही हमें जानकारी मिली हमने अपने विद्यालय में तत्काल इसको लेकर चर्चा की और सभी ने इसकी सराहना करते हुए इसे आवश्यक बताया।

इस तकनीक से परिचित कराने के लिए हम सभी सूपर एआई पोलेराईस की पूरी टीम के प्रति आभार प्रकट करते हैं। इससे बच्चों को तकनीक से जुड़कर निश्चित ही लाभ होने वाला है |

इस संदर्भ में माइक्रोसॉफ़्ट के पूर्व शिक्षा निर्देशक जयदेव जी ने कहा कि सुपर एआई कई डोमेन में एआई में शोध कर रहा है और नवाचार को जन-जन तक पहुंचा रहा है। मुझे विश्वास है कि सभी के लिए एआई के उनके दृष्टिकोण को पूरा करेंगे और युवा दिमागों का विकास करेंगे।

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