Gorakhpur property dealer murder case: प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस में अपने ही जाल में फंसी पुलिस, मौके पर मिला सबूत

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Gorakhpur property dealer murder case: गोरखपुर के एक होटल में पुलिस छापेमारी के दौरान कानपुर निवासी 36 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत हो गई। वह अपने दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस ने पहले आरोप से इनकार किया था और कहा था कि नशे में होने के कारण वह जमीन पर गिर गया था और उसके सिर में चोट आई थी।

Gorakhpur property dealer murder case

Gorakhpur property dealer murder case: 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

अधिकारियों ने बताया कि गुप्ता की मौत के सिलसिले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंगलवार रात मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता से बात की और शोक व्यक्त किया, जबकि राज्य सरकार ने परिवार के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

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मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि परिवार की अधिकारियों से तीन मांगें हैं- मामला कानपुर स्थानांतरित किया जाए, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और राज्य सरकार द्वारा नौकरी दी जाए। मनीष गुप्ता का अंतिम संस्कार मौत के 53 घंटे बाद गुरुवार सुबह हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि मनीष के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं।

Gorakhpur property dealer murder case: पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा ने बुधवार को यहां कहा कि “छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। गोरखपुर के डीएम विजय किरण आनंद ने बताया कि हत्या के आरोप में जिन पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें जेएन सिंह, उपनिरीक्षक विजय यादव और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा शामिल हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को रामगढ़ताल एसएचओ सहित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और जांच पुलिस अधीक्षक (city) को सौंप दी थी।”

Gorakhpur property dealer murder case: पुलिस पर गहराया शक, मौके से मिला खून से सना तौलिया

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी इस मामले की विभागीय जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विवेचना अलग है और विभागीय जांच अलग है। विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी एसपी क्राइम की निगरानी में और विभागीय जांच उनके पास है। सीन रिक्रिएट की मदद से जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।  बाद में परिवार के सदस्यों को होटल के कमरे में बिस्तर के नीचे खून से लथपथ एक तौलिया मिला, जिससे पुलिस पर शक और बढ़ जाता है।

Gorakhpur property dealer murder case:  मामला दर्ज न कराने का परिवार पर डाला गया दबाव

इस बीच, गुप्ता परिवार द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें गोरखपुर के एसपी विपिन टाडा और जिला मजिस्ट्रेट विजय किरण आनंद द्वारा मामला दर्ज नहीं करने के लिए राजी करते हुए दिखाया गया है और कहा गया है कि जांच “निष्पक्ष” होगी। वीडियो में दिख रहा है कि जिलाधिकारी परिवार से कह रहे हैं कि एक अदालती मामले में सालों लग जाएंगे। बसपा, सपा, कांग्रेस, आप ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला किया और उसकी आलोचना की।

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