गाजियाबाद: वन विभाग ने केडी संस्थान के साथ मिलकर किया ‘वन्य प्राणी सप्ताह’ का शुभारंभ

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गाजियाबाद: वन्य प्राणीयों के प्रति जागरुकता और उनका हमारे जीवन में क्या महत्व है, प्रकृति संतुलन में इनके योगदान के प्रति जन जागरुकता बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए गाजियाबाद वन विभाग द्वारा श्रीमती दीक्षा भंडारी,DFO, गाजियाबाद के निर्देशन में वन्य प्राणी सप्ताह गोष्ठी का शुभारंभ के.डी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के वसुंधरा स्थिति सेंटर से किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्यरूप से आशुतोष पाण्डेय उप प्रभारी निदेशक वन विभाग, के.डी संस्था के डायरेक्टर डॉ. एसडी शर्मा, प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी, वन विभाग, संजय कुमार, वन दरोगा गौरव कुमार के साथ ही के .डी संस्था के पीआरओ पंकज त्रिपाठी,  संयोजक ऊष्मा नेगी,  सोनिया खान, चेतना संस्था की एजुकेटर प्रतिभा त्रिपाठी के साथ ही एनजीओ के वॉलेंटियर मौजूद रहे |

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आशुतोष पाण्डेय ने लोगों को बताया कि मानव के भविष्य को बचाने व प्रकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वन्य प्राणी का संरक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण है। सारस पक्षी के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि सारस नर या मादा जोडा बनाकर रहते हैं और यदि किसी कारण वो अलग हो जाते है तो पूरे जीवन किसी दूसरे सारस के साथ नही रहते अकेले पूरा जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे पक्षियों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वन्य प्राणी के महत्व के विषय में बताने का निवेदन उप प्रभारी निदेशक वन विभाग ने किया |

केडी संस्था के डायरेक्टर डॉ. एसडी शर्मा ने गाजियाबाद वन विभाग द्वारा वन्य प्राणी सप्ताह का शुभारंभ के.डी संस्थान से किए जाने के लिए डीएफओ गाजियाबाद दीक्षा भंडारी व वन विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमारी पूरी टीम लोगों को जागरूक करने के लिए अपने स्तर से पूरा सहयोग वन विभाग को दिया जाएगा | इसके साथ ही प्राकृतिक संतुलन व वन्य जीव के महत्व को लेकर विस्तार से जानकारी दी |

कार्यक्रम का संचालन, अतिथियों का परिचय और वन्य प्राणी सप्ताह 01- 07 अक्टूबर 2020 के विषय में विस्तृत जानकारी पंकज त्रिपाठी पीआरओ के.डी संस्था द्वारा किया गया।  इस दौरान पेंटिंग, निबंध भेजने वाले विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

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