Deepawali Festival 2021: आज है दीपावली का पर्व, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, आज का राहू काल और मंत्र

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Deepawali Festival 2021: आज देशभर में मनाया जा रहा है दीपावली का पर्व। दिवाली के पवित्र त्योहार के दिन मां लक्ष्मी और रिद्धी-सिद्धी के भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। दीपावली के पर्व पर जानिए पूजा करने का शुभ मुहूर्त और आज का राहु काल और मंत्र

Deepawali Festival 2021: दिवाली पर इस बात का रखें खास ख्याल

घर के प्रवेश द्वार पर साफ सफाई होनी चाहिए। कहीं भी गंदगी ना रहे इस बात का ध्यान रखें। कहते हैं कि जहां स्वच्छता होती है वहीं लक्ष्मी वास करती है।

Deepawali Festival 2021: दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा का महत्व

दीपावली के दिन शाम या रात के समय लक्ष्मी पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या की रात को देवी लक्ष्मी स्वयं धरती पर भ्रमण करने आती हैं और प्रत्येक घर में विचरण करती हैं। इस दौरान जो घर साफ-सुथरा और प्रकाशवान होता है वहां देवी लक्ष्मी ठहर जाती हैं। इसलिए दिवाली से पहले ही घरों की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है।

Deepawali Festival 2021: लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल का मुहूर्त

शाम 5 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 10 मिनट तक
लक्ष्मी पूजा का निशिता काल मुहूर्त – रात 11बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक

 

Deepawali Festival 2021: दिवाली के दिन इस्तेमाल होने वाली पूजन सामग्री

मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, रोली, कुमुकम, अक्षत (चावल), मेवे, खील, बताशे, जनेऊ, श्वेस वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी, दीपक, रूई, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, दूध, , शंख, आसन, थाली. चांदी का सिक्का, चंदन, बैठने के लिए आसन, हवन कुंड, हवन सामग्री, आम के पत्ते प्रसाद।

Deepawali Festival 2021: दीपावली पूजा मंत्र

नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।
लक्ष्मी बीज मन्त्र
ॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।।

 

Deepawali Festival 2021: दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि

सबसे पहले पूजा का संकल्प लें
श्रीगणेश, लक्ष्मी, सरस्वती जी के साथ कुबेर जी के सामने एक-एक करके सामग्री अर्पित करें
इसके बाद देवी-देवताओं के सामने घी के दीए प्रवज्जलित करें
ऊं श्रीं श्रीं हूं नम: का 11 बार या एक माला का जाप करें
एकाक्षी नारियल या 11 कमलगट्टे पूजा स्थल पर रखें
श्री यंत्र की पूजा करें और उत्तर दिशा में प्रतिष्ठापित करें
देवी सूक्तम का पाठ करें

Deepawali Festival 2021: लक्ष्मी जी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत,
मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता।
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Deepawali Festival 2021: लक्ष्मी पूजा की विधि

लक्ष्मी पूजा से पहले पूरे घर की साफ-सफाई अच्छी तरह कर लें. घर में गंगाजल का छिड़काव करें। पूरे घर को फूलों और रौशनी से सजाएं।

मुख्य द्वार को फूलों और तोरण से सजाएं, मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं।

पूजा स्थल पर एक चौकी रखें. उस पर लाल कपड़ा बिछाकर वहां मां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

चौकी के पास जल से भरा कलश भी रखें।

माता लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा पर रोली से तिलक लगाएं. घी का दीपक जला कर रखें।

जल, मौली, फल, अबीर-गुलाल, गुड़, हल्दी, चावल अर्पित करें।

मिठाई का भोग लगाएं।

पूजा के बाद तिजोरी, बहीखाते और व्यापारिक उपकरणों की पूजा करें।

पूजा पूरी करने के बाद अंत में माता लक्ष्मी की आरती करें.

Deepawali Festival 2021: लक्ष्मी आरती करने से पहले ये मंत्र बोलें

या श्री: स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मी:
पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धि:।
श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा
तां त्वां नता: स्म परिपालय देवि विश्वम्॥

अर्थ – जो पुण्यात्माओं के घरों में स्वयं ही लक्ष्मीरूप से, पापियों के यहाँ दरिद्रतारूप से, शुद्ध अन्त:करणवाले पुरुषों के हृदय में बुद्धिरूप से, सत्पुरुषों में श्रद्धारूप से तथा कुलीन मनुष्य में लज्जारूप से निवास करती हैं, उन महालक्ष्मी को हम नमस्कार करते हैं. देवि! आप सम्पूर्ण विश्व का पालन कीजिये.

Deepawali Festival 2021: दिवाली पूजा मंत्र

मां लक्ष्मी मंत्र- ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
सौभाग्य प्राप्ति मंत्र- ऊं श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
कुबेर मंत्र-ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं में देहि दापय।

Deepawali Festival 2021: दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा का महत्व

दीपावली के दिन शाम या रात के समय लक्ष्मी पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या की रात को देवी लक्ष्मी स्वयं धरती पर भ्रमण करने आती हैं और प्रत्येक घर में विचरण करती हैं. इस दौरान जो घर साफ-सुथरा और प्रकाशवान होता है वहां देवी लक्ष्मी ठहर जाती हैं। इसलिए दिवाली से पहले ही घरों की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है।

Deepawali Festival 2021: दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है

दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं. आज दीपावली है. इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश की पूजा की जाती है. दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं.

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