गरीब कल्याण रोजगार के तहत खर्च किए गए करोड़ों रुपए,दिए जा रहे हैं रोजगार के अवसर

अब तक सृजित किए गए हैं 32 करोड़ श्रम रोजगार।

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भारत सरकार के ग्रामीण कल्याण मंत्रालय (ministry for rural development) द्वारा गरीब कल्याण रोजगार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को रोजगार मिल सके और वह आत्मनिर्भर बन सके। इसी को लेकर मंत्रालय की ओर से गरीब कल्याण रोजगार के तहत 31500 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जिससे कि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत अब तक लगभग 32 करोड़ श्रमदिवस रोजगार सृजित किए गए हैं, और 31500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किया गया है। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में ढांचे तैयार किए गए हैं 22123 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की गई। अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लिए 21595 और 62824 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रवासी श्रमिकों के लिए आजीविका के अवसर

गरीब श्रमिकों के लिए आजिविका के अवसर गरीब कल्याण रोजगार अभियान को गांवों में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। इसके तरह ग्रामीण क्षेत्र में प्रभावित नागरिकों और कोविड-19 के प्रकोप को मद्देनजर रखते हुए 6 राज्यों के अपने पैतृक गांव में लौट आए प्रवासी श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने के लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। यह अभियान इन राज्यों के 116 जिलों में अजीविका के अवसरों के के साथ ग्रामीणों को सशक्त बना रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया

15 सप्ताह तक कुल लगभग 32 करोड़ श्रम दिवस ओ के बराबर रोजगार उपलब्ध कराया गया है, और 31577 करोड़ रुपए तक के अभियान के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए खर्च किया गया है बड़ी संख्या के ढांचो का निर्माण के किया गया है।

जिनमें 132146 जल संरक्षण संरचनाएं, 41214 ग्रामीण घर, 35529 मवेशी शेड , 25689 खेत तालाब और 16253 सामूहिक स्वच्छता पर इसरो का निर्माण शामिल है। साथ ही 7340 कार्य जिला खनिज तथा 2123 ग्राम पंचायत को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की गई है वही ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कुल 21959 काम किए गए हैं, और 62824 उम्मीदवारों को कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

श्रमिकों के लिए सफल अभियान

12 मंत्रालयों की मेहनत तथा विभाग एवं राज्य सरकारों के सम्मिलित प्रयासों से अभियान के सफल होने का श्रेय जाता है, जो प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीणों समुदायों को अधिक मात्रा में लाभ प्रदान कर रहे हैं। प्रवासी श्रमिक अपने गृह नगर में वापस आकर नौकरी करें इसके लिए यह दीर्घकालीन पहल की गई है।

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