मलेशिया: 10 गुना खतरनाक हुआ कोरोना, भारत से है कनेक्शन

कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन D614G के हो सकते हैं भारत में भी मरीज

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कोरोना वायरस पर  हर दिन नए रिसर्च सामने आ रहे हैं।  इस जानलेवा वायरस ने खोजकर्ताओं की नींद उड़ा रखी है। अब पता चला है कि  मलेशिया (malayasia) में कोरोना वायरस (corona virus) का नए रूप (स्‍ट्रेन) (strain-d614g) सामने आया है। वैज्ञानिकों (scientist) की माने तो मलेशिया में मिला कोरोना वायरस अबतक मिले कोविड स्‍ट्रेन्‍स से 10 गुना ज्‍यादा खतरनाक है।

बता दें मलेशिया के एक क्‍लस्‍टर में सामने आए 45 कोरोना के केस में से करीब तीन मामलों में ये स्‍ट्रेन – D614G पाया गया है, जो ज्यादा खतरनाक है। इससे पहले स्‍ट्रेन – D614G यूरोप और अमेरिका में भी पाया गया था।

भारत से है कोविड के D614G का संबंध

चिंता की बात ये है कि हाल ही में मलेशिया में जिन तीन लोगों में कोविड के D614G का संक्रमण पाया गया है, उनमें एक रेस्‍तरां मालिक है और वो हाल ही में भारत से लौटा है। मिली जानकारी के मुताबिक उसने 14 दिन का होम क्‍वारंटीन फॉलो नहीं किया जिससे मलेशिया में संक्रमण और तेजी से फैल गया। मलेशिया में दूसरा जो मामला कोविड के D614G का सामने आया है वो फिलपींस से मलेशिया लौटा था।

क्‍या है D614G स्‍ट्रेन?
दरअसल D614G उस प्रोटीन में मिलता है जो वायरस के ‘स्‍पाइक’ को बनाता है। यही स्‍पाइक हमारी कोशिकाओं नष्ट करते हैं। यह म्‍यूटेशन अमीनो एसिड को D (एस्‍पार्टिक एसिड) से G (ग्‍लाइसीन), पोजिशन 614 पर बदलता है। इसीलिए इसका नाम D614G रखा गया है।

बता दें कोविड-19 की शुरुआत के बाद से कई म्‍यूटेशन सामने आए हैं। ये स्‍ट्रेन यानी D614G पहली बार फरवरी में यूरोप सामने आया था। इसके बाद से ये SARS-CoV-2 का एक मेन वैरियंट बन गया है। रिसर्चर्स के अनुसार, इस म्‍यूटेशन के जरिए वायरस को एक तरह का बायोलॉजिकल एज मिल गया है जिससे वो दुनियाभर में फैल रहा है।

 

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