उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर होगा ठोस काम- पीएम मोदी

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर हादसे के कारण जान-माल को हुए भारी नुकसान की घटना के बाद राज्य के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की।

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उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर हादसे के कारण जान-माल को हुए भारी नुकसान की घटना के बाद राज्य के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार की तरफ से तेज गति से राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, अजय टम्टा, नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी से प्रधानंमत्री मोदी ने पूरी घटना के बारे में चर्चा की।

इस दौरान सांसदों ने उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की दीर्घकालीन व्यवस्था करने की मांग की, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बारे में केंद्र सरकार गंभीर है। उत्तराखंड में जरूरी आधारभूत संसाधनों के विकास पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में जान-माल का नुकसान रोका जा सके। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के मोर्च पर ठोस कार्य होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आईटीबीपी, नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स, आर्मी, एयर फोर्स जैसी केंद्रीय संस्थाएं ग्लेशियर हादसे में राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। राज्य सरकार भी अपने स्तर से कार्य कर रही है। मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड की जनता के साथ केंद्र सरकार खड़ी है।

उत्तराखंड में चल रहे राहत अभियान की केंद्र सरकार लगातार मानीटरिंग कर रही है। बता दें कि रविवार को चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से आई बाढ़ के बाद दो सौ से अधिक लोग लापता हैं। तीस लोगों को एक टनल से किसी तरह से बाहर निकालकर जान बचाई गई। अब तक 18 शव बरामद हुए हैं।

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