निर्माण श्रमिकों के लिए बोर्ड द्वारा जारी योजनाओं की पूरी जानकारी

श्रमिकों के लिए यह 13 योजनाएं बन रही हैं वरदान

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प्रतापगढ़ Pratapgarh । Corona महामारी से एक तरफ जहां मजदूरों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के निर्माण श्रमिकों के जीवन में जिला श्रम विभाग की 13 योजनायें वरदान सावित हो रही है। इन योजनाओं से श्रमिकों का जीवन सशक्त और आत्मनिर्भर होता दिखाई दे रहा है।
क्या है योजनाएं

इन 13 योजनाओं के अंतर्गत श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के लिये मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, सन्त रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, निर्माण कामगार कन्या विवाह सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, निर्माण कामगार आवास सहायता योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, गम्भीर बीमारी सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता एवं अक्षमता पेंशन योजना तथा निर्माण कामगार अन्त्येष्टि सहायता योजनायें संचालित की जा रही है।

जानिए योजनाओं का लाभ

इन योजनाओं के अन्तर्गत पंजीकृत महिला श्रमिक के संस्थागत प्रसव की दशा में निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से 03 माह के वेतन के समतुल्य धनराशि एवं एक हजार रूपये चिकित्सा बोनस दिया जाएगा। पंजीकृत पुरूष कामगारों को 6 हजार रूपयों को दो किस्तों में कर दिया जाएगा।

बच्चे के जन्म से जुड़ी योजनाओं का लाभ

इसके अलावा दो नवजात शिशुओं के पौष्टिक आहार हेतु वर्ष में एक बार एक मुश्त लड़का पैदा होने पर 20 हजार रुपए तथा लड़की पैदा होने पर 25 हजार रुपए प्रति शिशु की दर से शिशु की दो वर्ष की आयु पूरी होने तक दी जाएगी।

इसके अलावा पहली संतान लड़की होने के बाद दूसरी सन्तान भी लड़की होने पर 25 हजार रूपए दिए जाएंगे। जिसका भुगतान बच्चे के 18 वर्ष पूरे होने पर किया जाएगा। वहीं जन्म से दिव्यांग बालिकाओं को 50 हजार रूपये जमा किए जाएंगे। जिसका भुगतान 18 वर्ष पूरे होने पर किया जाएगा।

दुर्घटना से मृत्यु होने पर रूपये 5 लाख, सामान्य मृत्यु पर रूपये 2 लाख, स्थायी अपंगता पर रूपये 3 लाख एवं आंशिक अपंगता पर रूपये 2 लाख, कार्य स्थल से इतर स्थायी अपंगता पर रूपये 2 लाख तथा कार्यस्थल से इतर अस्थायी आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। श्रमिक के पंजीकृत न होने की दशा में कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाने पर 50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है।

आवाज़ संबंधित योजनाओं का लाभ

इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटनाग्रस्त होने पर पूर्ण स्थायी अपंगता पर रूपये 1000 से 1500 प्रतिमाह आजीवन अक्षमता पेंशन दी जाती है। श्रमिक के आश्रयहीन होने या दो कच्चे कमरे वाले मकान होने पर अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दो समान किश्तों में दी जायेगी। जबकि मकान की मरम्मत के लिए ₹15000 आवंटित किए जाएंगे।इसके अलावा शौचालय बनाने के लिए ₹12000 दो किस्तों में दी जाएगी।

स्वास्थ्य

वहीं स्वास्थ्य के लिए विवाहित श्रमिकों को प्रति वर्ष रूपये 3000 एवं अविवाहित निर्माण श्रमिक को रूपये 2000 प्रतिवर्ष बैंक खाते में दिए जाते हैं। जबकि हार्ट ऑपरेशन, किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट, ब्रेन ऑपरेशन, स्पाइनल कॉर्ड, घुटना ऑपरेशन और कैंसर एचआईवी जैसे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आए पूरे खर्चे का वहन किया जाता है। मरने के बाद अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपए की सहायता राशि भी दी जाती है।

शिक्षा

इसके अलावा श्रमिकों के 2 बच्चों की कक्षा 1 से उच्च शिक्षा के लिए हर महीने डेढ़ सौ से 2000 रुपए छात्रवृत्ति के तौर पर दिए जाते हैं। जबकि प्रोफेशनल और वोकेशनल कोर्स की पूरी फीस का भुगतान किया जाता है। वही दो पुत्रियां होने पर उन्हें स्कूल जाने के लिए साइकिल भी दी जाती है।

वहीं मेधावी छात्रों को कक्षा 5 से लेकर उच्च शिक्षा के लिए 4000 से 22 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाती है। जबकि 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को आवासीय सुविधा निशुल्क दी जाती है। इसके अलावा रंगों की बेटियों के विवाह हेतु ₹55000 और अंतरजातीय विवाह के दौरान 61 हजार रुपए दिए जाते हैं। वहीं सामूहिक विवाह की स्थिति में रूपये 65000 तथा 5000-5000 वर-कन्या को पोशाक हेतु दिया जाता है।

पेंशन

श्रमिकों के घरों में दो लाइट, सोलर पैनल बैटरी और एक पंखे की बिजली दी जाती है। इसके बाद श्रमिकों के 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन की सुविधा भी प्राप्त है। इन सभी योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों ही उठा सकते हैं।श्रमिकों द्वारा अगर अंशदान नहीं किया गया तो उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

कैसे करें आवेदन

इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिक को पिछले 12 महीने में 90 दिन तक निर्माण कार्य में सहयोग देना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए श्रमिक फार्म के साथ 1 पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, राशन कार्ड नम्बर तथा आश्रितों के आधार नम्बर के साथ 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

पंजीकरण के समय रूपये 20 पंजीकरण शुल्क और 20 रुपए अंशदान जमा करना अनिवार्य है। पंजीकरण फार्म निःशुल्क स्थानीय श्रम कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

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