Birbhum Violence Update: बीरभूम हिंसा मामले की हो रही है सीबीआई से जांच कराने की मांग

Birbhum Violence Update: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर खड़े हो रहे हैं सवाल

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Birbhum Violence Update: पश्चिम बंगाल के बीरभूम में बीते 22 मार्च को हुई हिंसा मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आईपीएल दायर की गई है। बता दें, इस मामले पर पहले से ही सुनवाई चल रही है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार को आज दोपहर 2 बजे तक रामपुरहाट हिंसा मामले पर स्थिति की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

Birbhum Violence Update: सीबीआई से जांच कराने की मांग

Birbhum Violence Update
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बीते 22 मार्च को बीरभूम में हुई हिंसा मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से बीरभूम में हुए दिल दहला देने वाली घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। हालांकि अब तक कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से कई फैसला नहीं लिया गया है।

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इसके साथ ही हिंदू सेना ने देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हिंदू सेना ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से SIT जांच कराने की मांग की है, जिससे बीरभूम हिंसा की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

Birbhum Violence Update: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

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आपको बता दें, फिलहाल कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बीरभूम हिंसा मामले में राज्य को निर्देश दिया है कि वह जिला न्यायाधीश की उपस्थिति में घटना स्थल और उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही घटना स्थल की सुरक्षा को सुनिश्चत किया जाए। इसके अलावा कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि राज्य सरकार ये बीरभूम में हुई हिंसा के चश्मदीदों को सुरक्षा प्रदान करें। और घटना की फोरेंसिक जांच जल्द से जल्द करा कर सबूतों के साथ रिपोर्ट पेश करें।

Birbhum Violence Update: क्या है पूरी घटना

बीते 22 मार्च को बीरभूम के रामपुरहाट के बोगटुई गांव में कुछ घरों में आग लगा दी गई थी, जिससे 8 लोग झुलस के मर गए थे। मरने वालों में महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल थे। घटना के बाद जब जांच की गई तो ऑटोप्सी रिपोर्ट में ये बात साफ हो गई कि जलाने के पहले मृतकों की बेरहमी से पिटाई की गई है।

ये वारदात टीएमसी नेता की हत्या के एक दिन के बाद हुई थी। इसलिए पंश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। बता दें, अब इस मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग हो रही है।

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