आगाज़ से अंजाम तक

0

दर्दे दिल लेकर दुआ दी है..

मेरी वफ़ा के बदले तूने ज़फा दी है.

याद कर के तेरी वो बेरूखी

हमने अपने दिल को सजा दी है..

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: