आगाज़ से अंजाम तक

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आगाज़ से अंजाम तक

दर्दे दिल लेकर दुआ दी है..

मेरी वफ़ा के बदले तूने ज़फा दी है.

याद कर के तेरी वो बेरूखी

हमने अपने दिल को सजा दी है..

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