हाथरस के SP विक्रांत वीर के सस्पेंड होने से यूपी के अन्य IPS अधिकारी नाराज, कही ये बड़ी बात

हाथरस केस में विवादों में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाथरस के एसपी विक्रांत वीर को सस्पेंड किया जबकि डीएम प्रवीण कुमार लक्ष्कार पर कोई कार्रवाई नहीं की

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हाथरस – हाथरस का मामला जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है इसमें नए-नए पेंच उलझते जा रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर योगी सरकार से खासे नाराज चल रहे हैं। क्योंकि विवादों में आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने हाथरस के एसपी विक्रांत वीर (SP Vikrant Veer) को ही सस्पेंड किया जबकि पीड़िता के परिजनों ने डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार (DM Pravin Kumar Lakshkar) पर भी कई आरोप लगाए थे। आईपीएस अफसरों का कहना है कि आईएएस लॉबी अपने अफसरों को बचा लेती है जबकि बलि का बकरा सिर्फ आईपीएस अधिकारियों को बनाया जाता है।

 

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सभी आईपीएस अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है जहां हाथरस के एसपी विक्रांत वीर के ससपेंड हो जाने के बाद आईपीएस अफसर काफी आक्रोश में थे, खासकर नए आईपीएस अधिकारी। जिनका कहना था की सरकार आईपीएस अधिकारियों को ही बलि का बकरा बना रही है विक्रांत वीर को मिलाकर कुल 8 साथी सस्पेंड किए जा चुके हैं। जबकि पिछले 1 साल में लगभग 14 आईपीएल अफसर योगी सरकार ने निलंबित किए हैं।

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व्हाट्सएप ग्रुप में ही विक्रांत वीर के बैचमेट और साथी एक आईपीएस अधिकारी ने बोला कि आईएएस लॉबी अपने लोगों को आसानी से बचा लेती है पर हमारे सीनियर्स ने तो हमें अनाथ कर दिया है कोई हमारी बात ऊपर पहुंचाने वाला ही नहीं है। एक आईपीएस अफसर ने तो यह तक लिख दिया कि जब तक हाथरस (Hathras) के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को भी सस्पेंड नहीं किया जाता तब तक आईपीएस अधिकारियों की नाराजगी खत्म नहीं होगी। एक को मजा एक को सजा आखिर कब तक चलेगा।

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