उत्तराखंड: परीक्षा के विरोध में ABVP छात्र नेताओं ने किया त्रिवेंद्र सरकार का श्राद्ध

कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा 14 सितंबर से अंतिम सेमेस्टर के छात्र छात्राओं की परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है

0

कुमाऊँ – देशभर में कोरोनावायरस अपने चरम पर पहुंच चुका है। देशभर में 40 लाख से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। इस समय किसी भी राज्य का कोई भी कोना ऐसा नहीं है जहां महामारी ने दस्तक ना दी हो, ऐसे समय में कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University) 14 सितंबर से अंतिम सेमेस्टर के छात्र छात्राओं के परीक्षाएं कॉलेज बुला कर लेना चाहता है। इसके विरोध में कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र जगह-जगह विरोध कर रहे है। इसमें देखने लायक बात यह है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार (BJP Government) के खिलाफ एबीवीपी (ABVP) छात्र संगठन के लोग ज्यादा मुखरता से विरोध कर रहे हैं।

किया पिंडदान

पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के लक्ष्मण सिंह महर महाविद्यालय (LSMPG College) के छात्र नेताओं ने और छात्रसंघ एबीवीपी ने परीक्षा की तिथि आगे ना बढ़ाए जाने की मांग ना सुने जाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को मृत (Dead Government) बताते हुए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन का श्राद्ध किया। इस दौरान उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) और उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत (Dhan Singh Rawat) की फोटो वहां पर रखी थी।

छात्रों का कहना है कि सितंबर में देश में कई तरह की राष्ट्रीय परीक्षाएं कराई जा रही है जिसमें नीट (NEET), जेईई (JEE), नेट (NET), एनडीए (NDA) इत्यादि की परीक्षाएं शामिल हैं और इनके सेंटर काफी दूर दूर होते हैं। इस वजह से इस विश्वविद्यालय की परीक्षा पर रोक लगा देनी चाहिए और तिथि आगे बढ़ा देनी चाहिए।

चम्पावत में भी विरोध

वहीं चंपावत महाविद्यालय (Champawat College) के छात्रसंघ और छात्रों ने भी परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। चंपावत के छात्रों ने परीक्षा निरस्त न करने की सूरत पर उग्र आंदोलन (Protest) करने की चेतावनी दी। इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कार्की, दीपांशु चतुर्वेदी, बसंत जोशी, मनीष महर, अंकित खर्कवाल आदि छात्र शामिल थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: