एटा में राम मंदिर के लिए बन रहा है 2,100 किलो का घंटा

हिंदू-मुसलमान की टीम मिलकर बना रही है राम मंदिर का घंटा

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एटा: उत्तर प्रदेश (UP) के एटा (ETAH) जिले के जलेसर कस्बे में कारीगरों की एक टीम अयोध्या (AYODHYA) में राम मंदिर (RAM MANDIR)के लिए 2,100 किलोग्राम (21,00 KILOGRAM) वजन का घंटा बना रही है। अयोध्या भेजने से पहले घंटा को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

50 वर्षीय दाऊ दयाल और 56 वर्षीय इकबाल मिस्त्री इस ‘अष्टधातु’ के घंटे की डिजाइनिंग, ग्राइंडिंग और पॉलिशिंग समेत सभी कार्यों के प्रभारी हैं। उन्होंने बताया कि जीवन में पहली बार उन्होंने इतने बड़े आकार का घंटा बनाया है।

दाऊ दयाल ने कहा, “इस घंटे की खास बात यह है कि यह एक ही टुकड़ा है, इसमें कहीं भी टुकड़े जोड़कर वेल्डिंग नहीं की गई है। इसके कारण इसे बनाना कठिन था। कई लम्बे चरण के साथ इस घंटे की ढलाई की गई।
मोल्ड में धातु डालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया गया था। अष्टधातु’ के इस घंटे में – सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा और पारा का इस्तेमाल किया गया है।
देश के ‘सबसे बड़े घंटों’ में शुमार इस घंटे को बनाने के लिए हिंदुओं और मुसलमानों की 25 कारीगरों की टीम ने एक महीने तक हर दिन 8 घंटे काम किया है।

जलेसर नगर परिषद के अध्यक्ष और इस वर्कशॉप के मालिक विकास मित्तल ने कहा, “यह घंटा राम मंदिर को दान किया जाएगा।”

वहीं विकास के भाई आदित्य मित्तल कहते हैं, “हमारा मानना है कि कुछ दैवीय कारणों के चलते यह काम हमारे पास आया। इसीलिए हमने इस घंटे को मंदिर को दान करने का फैसला किया है।”

घंटे की लागत 21 लाख रुपये आई है और इसे बनाने की प्रारंभिक योजना से लेकर बनकर तैयार होने तक में 4 महीने का समय लगा।

बता दें कि मित्तल को यह घंटा तैयार करने का आदेश निर्मोही अखाड़े से मिला था, जो कि कोर्ट में चले अयोध्या विवाद में एक वादी था।

 

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